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    बिहार में 'खुफिया कैमरे' का खुला राज: आतंकी नहीं, कर्नाटक पुलिस ने बुना था जाल; अब रेलवे ने लिया बड़ा एक्शन

    Updated: Thu, 21 May 2026 07:02 AM (GMT+05:30)

    सराय में संदिग्ध खुफिया कैमरा मिलने के बाद पूर्व मध्य रेल ने समस्तीपुर मंडल के विशेष समपार फाटकों पर सीसी कैमरे लगाने का आदेश दिया है। इसके लिए 66 लाख ...और पढ़ें

    समस्तीपुर के फाटकों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे। फाइल फोटो

    समस्तीपुर के फाटकों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे। फाइल फोटो

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    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। सराय में सात मई को रेल लाइन किनारे संदिग्ध खुफिया कैमरा मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा कदम उठाया गया है। पूर्व मध्य रेल ने समस्तीपुर मंडल के सभी स्पेशल रेल समपार फाटकों पर सीसी कैमरे लगाने का आदेश जारी किया है।

    इसके लिए 66 लाख 98 हजार 724 रुपये 10 पैसे निर्धारित किए गए हैं। योजना की शुरुआत समस्तीपुर रेल मंडल से की जा रही है। यहां 787 रेल समपार फाटक हैं। इनमें स्पेशल श्रेणी के फाटकों को चिह्नित कर वहां सीसी कैमरे लगाए जाएंगे।

    इनके माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। रेलवे की ई-निविदा वेबसाइट से पांच जून को टेंडर होगा। इसके बाद जिस एजेंसी को काम मिलेगा, वह कैमरा लगाएगी।

    सराय में मिला था संदिग्ध कैमरा

    बता दें कि सात मई को सराय में रेल लाइन के किनारे एक खुफिया कैमरा लगाया गया था। इसकी जानकारी मिलने से पूरे देश के रेल महकमे में हड़कंप मच गया था। शुरुआती जांच में इसे संदिग्ध और आतंकी गतिविधि से जोड़कर देखा गया।

    दैनिक जागरण में नौ मई के अंक में पूरे देश में खबर छपने के बाद हड़कंप मच गया। सोनपुर रेलमंडल के अधिकारियों के साथ जिला पुलिस टीम पहुंची थी। मुजफ्फरपुर से जीआरपी ने कैमरे को सीज कर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी की।

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    कर्नाटक की पुलिस ने लगाया था कैमरा

    पटना से पहुंची एनआइए व एसटीएफ टीम ने भी जांच की। इसके अलावा खुफिया एजेंसी की आर्मी सहित कई विंग ने जांच की। बाद में पता चला कि कर्नाटक पुलिस की एक टीम ने किसी बदमाश को पकड़ने के उद्देश्य से वहां गुप्त रूप से कैमरा लगाया था।

    एक बदमाश एक करोड़ रुपये लूट कर कर्नाटक से भाग था। उसका लोकेशन सराय में मिला था। इसको लेकर वहां की पुलिस ने सराय में एक रेल फाटक के पास खुफिया कैमरा लगा दिया।

    सिम की जब जांच शुरू हुई तो कर्नाटक पुलिस का नाम सामने आया। वहां से पुलिस की एक टीम यहां आई। इतने दिन बीतने के बाद भी कर्नाटक पुलिस का पूरा डिलेट जीआरपी को नहीं भेजा गया है।

    रेलवे बोर्ड ने लिया संज्ञान, अब तक कार्रवाई नहीं

    घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने मामले को गंभीरता से लिया। पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल समेत देश के प्रमुख जंक्शनों के यार्ड, आउटर सिग्नल व होम सिग्नल के पास भी कैमरे लगाने का निर्देश जारी किया गया।

    उसके बाद रेलवे सुरक्षा बल की महानिदेशक सोनाली मिश्रा ने भी सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने व कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। अब तक कई स्थानों पर इस दिशा में जमीन पर पहल शुरू नहीं हो सकी है।