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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Skywalk In Bihar: बिहार के इस शहर में बनेगा शानदार स्काइवॉक, 300 मीटर होगी लंबाई; लोगों को मिलेगी जाम से मुक्ति

    Updated: Tue, 13 Feb 2024 02:52 PM (IST)

    दिल्ली की तरह मुजफ्फरपुर जंक्शन को सरकारी बस स्टैंड से स्काइवॉक ब्रिज के माध्यम से जोड़ा जाएगा। यह 250 से 300 मीटर लंबा होगा। पंपू पोखर के समीप बन रहे ...और पढ़ें

    बिहार के इस शहर में बनेगा स्काइवॉक, 250 से 300 मीटर होगी लंबाई (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    बिहार के इस शहर में बनेगा स्काइवॉक, 250 से 300 मीटर होगी लंबाई (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. स्टेशन से बस स्टैंड तक बनेगा स्काइवॉक, जाम से मिलेगी मुक्ति
    2. बस स्टैंड वाला स्काइवॉक सीबीटी से होकर गुजरेगा और नए फुट ओवर ब्रिज से जुड़ जाएगा
    3. इससे यात्रियों को बस स्टैंड तक जाने में भीड़ व जाम का नहीं करना पड़ेगा सामना

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर पूर्व मध्य रेल साढ़े चार सौ करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर जंक्शन को विश्वस्तरीय बना रहा है। इसमें सुविधाओं के विस्तार के लिए नई रणनीति बनाई गई है। दिल्ली की तरह मुजफ्फरपुर जंक्शन को सरकारी बस स्टैंड से स्काइवॉक ब्रिज के माध्यम से जोड़ा जाएगा। यह 250 से 300 मीटर लंबा होगा। पंपू पोखर के समीप बन रहे मोतिहारी-सीतामढ़ी कंबाइंड टर्मिनल होकर यह नए फुट ओवर ब्रिज से जुड़ जाएगा।

    दूसरी ओर स्टेशन के दक्षिण तरफ भी स्काइवाक बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोनों स्काइवॉक आपस में जुड़ जाएंगे। बस अड्डे से यात्री मोतिहारी-सीतामढ़ी कंबाइंड टर्मिनल होते किसी भी प्लेटफॉर्म पर ट्रेन पकड़ने के लिए आ-जा सकेंगे। इसके बनने से रेलवे स्टेशन से बस अड्डे तक पहुंचने के लिए यात्रियों को स्टेशन से बाहर नहीं आना पड़ेगा। वे ऊपर-ऊपर ही स्काइवॉक से सड़क मार्ग की तरफ बस अड्डे तक पहुंच जाएंगे। इससे स्टेशन के सामने वाली सड़क पर होने वाली भीड़ व जाम से फंसने से बच जाएंगे।

    108 मीटर का कानकोर्स भी बनेगा

    रेलवे स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज के साथ 108 मीटर का कानकोर्स भी बनेगा। स्काइवॉक का उससे भी जुड़ाव रहेगा, ताकि यात्री सीधे बाहर आ-जा सकेंगे। दोनों स्काइवॉक पर खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए जांएगे। इससे यात्रियों को खरीदारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सोनपुर डीआरएम विवेक भूषण सूद ने मंडल के मुख्य इंजीनियर को प्रस्ताव बनाने के लिए कहा है। एडीआरएम, सीनियर डीसीएम को भी इससे अवगत करा दिया है। अधिकारियों को डिजाइन तैयार करने को कहा गया है। आर्किटेक्चरल डिजाइनिंग के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के बाद रेलवे प्रशासन, राज्य सरकार से वार्ता करेगा। उसके बाद मुजफ्फरपुर डीएम, नगर आयुक्त से वार्ता करेंगे।

    डीआरएम ने कहा कि मुजफ्फरपुर विश्वस्तरीय बन रहे जंक्शन को लेकर यह प्रस्ताव काफी पहले आया था। डिजाइनिंग सहित पूरी परियोजना की रिपोर्ट तैयार हो जाने के बाद जिला प्रशासन से बात कर एजेंसी का चयन कर कार्य का जिम्मा सौंपा जाएगा। रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड जाने-आने में यात्रियों को बार-बार सीढ़ी चढ़ना-उतरना अथवा सड़क पार करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

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    सिटी सेंटर के रूप में होगा विकसित

    डीआरएम ने कहा कि मुजफ्फरपुर जंक्शन को दिल्ली मेट्रो, गोरखपुर सहित अन्य बड़े स्टेशनों की तर्ज पर सिटी सेंटर के रूप में विकसित करना है। इंटरनेट मीडिया पर इसकी जानकारी भी लोगों से मांगी गई है। इसमें लोगों के कई सुझाव आ रहे हैं। बाद में उनलोगों से बात कर काम आगे बढ़ाया जाएगा। दो लेन की होगी चौड़ाई स्काइवाक को दो लेन की चौड़ाई में बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। बीच में लोहे की जाली लगाई जा सकती है ताकि आने-जाने वालों को दिक्कत न हो।

    सके लिए अधिकारियों ने डिजाइन तैयार करने वाली एजेंसी को निर्देशित करने को कहा गया है। दृष्टिहीन लोगों के लिए खास तरह की टेक्टाइल फ्लोरिंग लगाई जाएगी। ग्लास पैनल के बाहर की तरफ गोलाकार स्ट्रक्चर बनाया जाएगा। यह रात में खास तरह की रंग-बिरंग एलइडी लाइटों से सजाया जाएगा।

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