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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    आचार संहिता उल्लंघन मामले में बढ़ी पूर्व केंद्रीय मंत्री की मुश्किलें, MP-MLA कोर्ट में 4 जून को होगी सुनवाई

    Updated: Thu, 15 May 2025 10:49 AM (IST)

    मुजफ्फरपुर के मीनापुर में आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई 4 जून को ह ...और पढ़ें

    आचार संहिता मामले में उपेंद्र कुशवाहा के विरुद्ध विशेष एमएपी-एमएलए कोर्ट में चार जून को सुनवाई
    आचार संहिता मामले में उपेंद्र कुशवाहा के विरुद्ध विशेष एमएपी-एमएलए कोर्ट में चार जून को सुनवाई

    HighLights

    1. आचार संहिता उल्लंघन मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री की 4 जून को अदालत में पेशी
    2. साल 2019 में एक राजनीतिक सभा में तय समय से अधिक भाषण देने का आरोप

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। मीनापुर थाना क्षेत्र के मुस्तफागंज बाजार में छह वर्ष पूर्व आयोजित राजनीतिक सभा में समय से 45 मिनट अधिक देरी तक चुनावी भाषण करने के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा पर आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में प्राथमिकी कराई गई थी।

    बुधवार को बचाव पक्ष ने दाखिल की अर्जी

    इस मामले में बुधवार को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश पंकज कुमार तिवारी के कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से अर्जी दाखिल की गई।

    कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि चार जून निर्धारित की है। विदित हो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पिछली सुनवाई में विशेष अभियोजक पदाधिकारी संजय कुमार ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।

    इसमें बताया था कि केस के जांच पदाधिकारी द्वारा डायरी व चार्जशीट में एसडीओ पूर्वी के आदेश की कॉपी व घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में जब्ती प्रदर्शन में नहीं शामिल है। केस डायरी व चार्जशीट में भी इन दोनों का उल्लेख नहीं किया गया है।

    45 मिनट अधिक देरी तक उपेंद्र कुशवाहा ने किया संबोधित

    मीनापुर के मुस्तफागंज बाजार में 10 मई 2019 को राजनीतिक सभा हुई थी। सभा का संचालन सुबह 11 से शाम चार बजे तक ही करना था, लेकिन इसमें 45 मिनट अधिक देरी तक उपेंद्र कुशवाहा ने मंच से संबोधित किया। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।

    तत्कालीन सेक्टर पदाधिकारी ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी

    तत्कालीन सेक्टर पदाधिकारी ने मीनापुर थाने में प्राथमिकी कराई थी। केस के जांच की जिम्मेदारी जमादार बिजेंद्र प्रसाद को दी गई थी। जांच पदाधिकारी ने 15 फरवरी 2020 को कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। अब इस मामले में उपेंद्र कुशवाहा के विरुद्ध विशेष एमएपी-एमएलए कोर्ट में चार जून को सुनवाई होगी।

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