त्रिकोणासन व भुजंगासन से तेजी से घटेगा वजन, योग प्रशिक्षक ने दिए जल्द मोटापा दूर करने के टिप्स
Yoga For Weight Loss: योग प्रशिक्षक सोनम भगत ने मोटापे से मुक्ति के लिए त्रिकोणासन और भुजंगासन जैसे प्रभावी योगासनों की जानकारी दी। उन्होंने डायबिटीज, ...और पढ़ें

वजन नियंत्रण और मोटापे से मुक्ति में योग से बहुत मदद मिलती है। (AI Generated Image)
HighLights
त्रिकोणासन व भुजंगासन वजन घटाने में अत्यंत प्रभावी।
डायबिटीज व तनाव के लिए विशेष योगासन सहायक।
संतुलित आहार व नियमित योग स्वस्थ जीवन की कुंजी।
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Bhujangasana For Obesity: स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद आवश्यक है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुका है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व उत्तर बिहार और मुजफ्फरपुर के लोगों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर कई जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आरोग्यम योग एवं वेलनेस सेंटर की योग प्रशिक्षक सोनम भगत ने वजन नियंत्रण और मोटापे से मुक्ति के लिए बेहद असरदार योगासनों और सही जीवनशैली के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है।
त्रिकोणासन और भुजंगासन सबसे बेस्ट
योग प्रशिक्षक सोनम भगत के अनुसार, त्रिकोणासन और भुजंगासन शरीर के वजन को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में विशेष रूप से लाभकारी हैं। त्रिकोणासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले पैरों को फैलाकर सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद शरीर को एक ओर झुकाते हुए हाथ से पैर को छूने का प्रयास करें। इस स्थिति में 15 से 30 सेकंड तक रुकें।
यह आसन शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने, पाचन तंत्र को मजबूत बनाने तथा शरीर में लचीलापन (Flexibility) बढ़ाने में काफी सहायक होता है। इसी तरह भुजंगासन भी पेट की चर्बी को तेजी से पिघलाता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए करें ये आसन
डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी योग में बेहतर समाधान हैं। योग प्रशिक्षक ने बताया कि अर्ध मत्स्येन्द्रासन और मंडूकासन शरीर में रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को संतुलित रखने में विशेष रूप से मददगार साबित हो सकते हैं।
इन आसनों का अभ्यास करते समय शरीर को एक ओर मोड़कर 20 से 30 सेकंड तक रुकना चाहिए और फिर यही प्रक्रिया दूसरी ओर से दोहरानी चाहिए।बेहतर और स्थायी परिणामों के लिए कम से कम पांच बार इसका अभ्यास जरूर करें।
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तनाव और हाई बीपी से राहत दिलाएगा प्राणायाम
आजकल की मानसिक अशांति और तनाव भी वजन बढ़ने का एक बड़ा कारण है। उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure), मानसिक तनाव और एंग्जायटी से तुरंत राहत पाने के लिए शवासन, बालासन और अनुलोम-विलोम प्राणायाम का नियमित अभ्यास करना चाहिए।
यदि आप प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग के लिए निकालते हैं, तो आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में बड़ा सकारात्मक सुधार देखा जा सकता है।

क्यों जरूरी है वजन घटाना
बढ़ते वजन या मोटापे को नियंत्रित करना सिर्फ अच्छा दिखने के लिहाज से ही नहीं, बल्कि एक दीर्घायु और निरोगी जीवन जीने के लिए बेहद जरूरी है। अतिरिक्त वजन शरीर में कई गंभीर बीमारियों को न्योता देता है।
वजन कम करने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे हार्ट अटैक और हाई बीपी जैसी दिल की बीमारियों का खतरा टल जाता है।इसके अलावा, वजन कम होने से टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम कम होता है, घुटनों और जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है, और 'स्लीप एपनियो' जैसी नींद से जुड़ी बीमारियां भी दूर होती हैं।
इससे आपका स्टैमिना और मानसिक आत्मविश्वास भी तेजी से बढ़ता है।
ऐसा रखें अपना डाइट प्लान
वजन घटाने का मतलब खुद को भूखा रखना या क्रैश डाइट करना बिल्कुल नहीं है। योग शास्त्र में 'मिताहार' यानी संतुलित और जागरूक होकर भोजन करने को सबसे उत्तम माना गया है। अगर आप सुबह खाली पेट योग कर रहे हैं, तो उससे पहले सिर्फ गुनगुने पानी में नींबू-शह्या या 4-5 भीगे बादाम लें।
योग करने के 30 से 45 मिनट बाद प्रोटीन और फाइबर से भरपूर नाश्ता जैसे अंकुरित अनाज या मूंग दाल का चीला खाएं।
सफेद चीनी और मैदे से बना लें दूरी
अपने दैनिक भोजन में पनीर, टोफू, दालें और सत्तू शामिल करके प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं। मैदा, सफेद चावल और सफेद ब्रेड जैसी रिफाइंड चीजों की जगह मल्टीग्रेन आटा (जूं, बाजरा, रागी), ब्राउन राइस और ओट्स का इस्तेमाल करें।
चीनी, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट बंद जूस से पूरी तरह दूरी बना लें। इसके साथ ही, दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीकर खुद को अच्छी तरह हाइड्रेट रखें।