Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: 'जननायक' की जन्‍मशताब्दी पर राजधानी में लगेगा JDU का जमावड़ा, भारी संख्‍या में नालंदा से पटना पहुंचेंगे कार्यकर्ता

    Updated: Mon, 08 Jan 2024 05:29 PM (IST)

    Bihar News आगामी 24 जनवरी को पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान के प्रांगण में जदयू द्वारा आयोजित हो रही जननायक कर्पूरी ठाकुर की सौवीं जयंती की तैयारियों को ल ...और पढ़ें

    Bihar Politics: 'जननायक' की जन्‍मशताब्दी पर राजधानी में लगेगा JDU का जमावड़ा, भारी संख्‍या में नालंदा से पटना पहुंचेंगे कायकर्ता
    Bihar Politics: 'जननायक' की जन्‍मशताब्दी पर राजधानी में लगेगा JDU का जमावड़ा, भारी संख्‍या में नालंदा से पटना पहुंचेंगे कायकर्ता

    HighLights

    1. कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती पर नालंदा से जदयू कार्यकर्ताओं की होगी जबरदस्त भागीदारी : राजीव रंजन
    2. राजीव रंजन बोले- कर्पूरी ठाकुर किसी जाति के नहीं बल्कि जमात के नेता थे

    जागरण संवादाता, बिहारशरीफ। आगामी 24 जनवरी को पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान के प्रांगण में जदयू द्वारा आयोजित हो रही जननायक कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती की तैयारियों को लेकर सोमवार को जदयू के सभी प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक की गई।

    बैठक में सांसद कौशलेन्द्र कुमार, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता राजीव रंजन, जिलाध्यक्ष मो अरशद, विधानसभा प्रभारी प्रियरंजन पटेल, पिंकी भारती, दिलीप कुशवाहा, तमाम प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।

    बैठक को संबोधित करते हुए जदयू के राष्ट्रीय महासचिव राजीव रंजन ने कहा कि श्रद्धेय कर्पूरी ठाकुर किसी जाति के नहीं बल्कि जमात के नेता थे। वह देश के वैसे गिने-चुने नेताओं में से थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों, शोषितों व वंचितों के लिए अर्पित कर दिया।

    कर्पूरी ठाकुर ने गैर-लाभकारी जमीन पर मालगुजारी टैक्स खत्म कर दिया था

    यही वजह थी उनके प्रशंसक सभी राजनीतिक दलों में तथा समाज के सभी वर्गों में थे। जन-जन में उनकी अपार लोकप्रियता को देखते हुए ही उन्हें जननायक भी कहा जाता है। बैठक में उपस्थित नालंदा के जदयू कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए यह तय है कि इस कार्यक्रम में जिले से सैलाब उमड़ेगा।

    उन्होंने कहा कि यह कर्पूरी ठाकुर ही थे, जिन्होंने साल 1971 में मुख्यमंत्री बनने पर किसानों को बड़ी राहत देते हुए गैर-लाभकारी जमीन पर मालगुजारी टैक्स को खत्म कर दिया था। इसी तरह सरकारी नौकरियों में मुंगेरीलाल कमीशन लागू कर गरीबों और पिछड़ों को आरक्षण देने की हिम्मत दिखाने वाले भी वही थे।

    खबरें और भी

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज उन्हीं की नीतियों को आगे बढ़ा रहे हैं। सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ईमानदारी और सादगी का ऐसी मिसाल थे, जो एक बार उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद अपना एक घर तक नहीं बनवा सके।

    उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील है कि आगामी 24 जनवरी को पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में आयोजित हो रहे उनकी जयंती कार्यक्रम में उपस्थित हो।

    बैठक में मो. नदीम जफर, अरविन्द कुमार, जनार्दन पंडित, रितेश कुमार, निरंजन गुप्ता, पप्पू खान, श्रवण स्वर्णकार, संजय कुमार, धीरज कुमार पटेल, सन्नी पटेल, अंजम चन्द्रवंशी, मो. इमरान रिजवी, अनूप सिंह, सुरेन्द्र सिंह, चिंटू महतो आदि जदयू नेताओं की सहभागिता रही।

    यह भी पढ़ें -

    Bihar Crime: सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती... फिर होटलों में मिलता रहा, शादी का झांसा देकर दिव्यांग युवती का यौन शोषण

    BPSC TRE 2.0 Appointment Letter: दूसरे चरण के चयनित अध्यापकों को इस दिन मिलेगा नियुक्ति पत्र, शिक्षा विभाग ने शुरू की तैयारी