यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nalanda News: जीराइन नदी में जलस्तर बढ़ने से हाहाकार, पानी में डूबने से एक हजार एकड़ से ज्यादा फसलें बर्बाद
बिंद प्रखंड के जमसारी पंचायत में जलभराव से किसान परेशान हैं। जिराइन और गोइठवा नदी के कारण एक हजार एकड़ से अधिक धान की फसल डूब गई है। जमसारी बरहोग समेत ...और पढ़ें

HighLights
- जलभराव से एक हजार एकड़ धान की फसल डूबी |
- किसानों ने मुआवजे की मांग की |
- कृषि विभाग से फसल क्षति आकलन की मांग |
संवाद सूत्र, बिंद। स्थानीय प्रखंड के जमसारी पंचायत के किसानों को इन दिनों काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के मंसूबे पर जीराइन व गोइठवा नदी ने पानी फेर दिया। जमसारी पंचायत खंधा के पानी की निकासी पुल कथराही व गुरुकुल स्कूल समीप बंद रहने से किसान परेशान हैं। एक हजार एकड़ से अधिक जमीन में लगी धान की फसल सब पानी में डूबा है।
धान की फसल पानी में डूबी रहने से जमसारी, बरहोग, सतकपुर, दरियापुर, गोविन्दपुर, लालूविगहा व बकरा गांव के किसान काफी परेशान हैं। किसान संजीव कुमार, सूरज कुमार, आनिल कुमार, शत्रुमर्दन शाही, सतेन्द्र कुमार, साधू शरण प्रसाद, शिवदसानी प्रसाद, अनिरूद्ध प्रसाद, अखिलेश प्रसाद, सुजीत कुमार व अन्य ने बताया कि उतरथु खंधा का पानी जमसारी खंधा में फैलने से किसानों के मंसूबे पर पानी फेर दिया।
किसानों की जमा पूंजी सब पानी ने बर्बाद कर दिया है। एक बीघा धान की रोपनी कराने में चार हजार रुपये से अधिक लागत आती है। सबसे ज्यादा परेशानियां गैर रैयत किसानों को हो रही है। गैर रैयत किसान खेत मालिक को नगद रुपए देकर एक वर्ष के लिए खेत लिया था। नकद रुपये पर खेत लेकर धान कि रोपनी किया था।
नदी व बारिश के पानी ने सबकुछ बर्बाद करके रख दिया। अब खाने के लिए भी दाने-दाने को मोहताज होना पड़ेगा। जमसारी पंचायत के उपमुखिया अश्वनी कुमार उर्फ सोनी मुखिया ने कृर्षि विभाग के अधिकारियों से फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
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मुआवजे को लेकर किसानों ने किया था सड़क जाम
बाढ़ के पानी से हुई फसलों के नुकसान के मुआवजे के लिए सड़क जाम किया था। अधिकारियों से फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा की मांग की। कृषि समन्वयक संजय पासवान ने कहा कि विभाग के मौखिक आदेश पर लोदीपुर पंचायत के किसानों का नुकसान हुए फसल का आकलन किया जा रहा है। जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।