बच्चों का निवाला छीन रहे 'साहब', मिड-डे मील से अंडा-फल गायब; प्रभारी पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप
बिंद प्रखंड के ईश्वरचक मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। पिछले 7-8 महीनों से बच्चों को मेनू के अनुसार पौष्टिक ...और पढ़ें

मिड-डे मील से अंडा-फल गायब
HighLights
7-8 महीने से बच्चों को नहीं मिल रहा पौष्टिक भोजन।
प्रभारी पर रसोइया से 30 हजार रिश्वत मांगने का आरोप।
डीपीओ ने निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
संवाद सूत्र, बिंद। एक ओर सरकार बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए स्कूलों में पौष्टिक मध्याह्न भोजन योजना चला रही है। वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार और लापरवाही ने इस योजना की कमर तोड़ दी है। ताजा मामला बिंद प्रखंड के ईश्वरचक मध्य विद्यालय का है। जहां पिछले सात–आठ महीनों से बच्चों को मेनू के अनुसार खाना नहीं दिया जा रहा है।
शुक्रवार को मिलने वाले अंडा, फल भी बच्चों की थाली से गायब है। मामला यहीं नहीं थमता, मध्याहन भोजन प्रभारी पर रसोइया की बहाली के लिए रिश्वत मांगने का आरोप रसोइया रानी देवी ने लगायी है।
बच्चों का निवाला छीन रहे 'साहब', पानी जैसी दाल खाने को मजबूर छात्र
विद्यालय में लगभग 250 विद्यार्थी नामांकित है में जिसमें केवल 60-70 बच्चे ही स्कूल पहुंच रहे हैं। इसका मुख्य कारण खराब गुणवत्ता वाला भोजन है। विद्यार्थी अनिशा कुमारी, मुस्कान कुमारी, सुहानी कुमारी, शिला कुमारी आशुतोष कुमार,अजित कुमार, आलोक कुमार, राजू कुमार,अखिलेश कुमार ने बताया कि नए प्रभारी के आने के बाद से केवल एक बार अंडा दिया गया है।
खाने के नाम पर उन्हें पानी जैसी पतली दाल और बिना तेल-मसाले की सब्जी परोसी जाती है, जिसे बच्चे खा नहीं पाते और मजबूरन कुत्तों को खिला देते हैं।
एक ही कमरे में 5 कक्षाएं और दफ्तर
स्कूल की बुनियादी संरचना भी बदहाल है। कुल तीन कमरों में से दो में कक्षा 6-8 की पढ़ाई होती है, जबकि मात्र एक कमरे में कक्षा 1-5 के बच्चों को बिठाया जाता है और उसी में कार्यालय भी संचालित है।
इस घटना ने शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि दोषी प्रभारी पर विभाग कब तक और क्या कार्रवाई करता है।
रसोइया ने कहा बहाली के लिए मांगे 30 हजार
विद्यालय में कार्यरत रसोइया रानी देवी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए बताया कि संख्या अधिक होने के कारण प्रभारी ने उन्हें काम पर तो रख लिया, लेकिन जब स्थायी बहाली की बात आई तो मध्यान भोजन प्रभारी द्वारा उनसे 30 हजार रुपये की घूस मांगी गई। पिछले 6 महीनों से वे बिना बहाली के ही काम कर रही हैं।
खबरें और भी
विद्यालाध्यक्ष ने प्रभारी से लड़ कर बच्चों को दिलाया था अंडा
विद्यालय शिक्षा समिति अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य उपेन्द्र प्रसाद ने बताया कि विद्यालय प्रभारी मध्यान भोजन में शुक्रवार को मिलने वाले अंडे नहीं देते है। एक बार हम लड़ कर बच्चों को अंडे देने के लिए विद्यालय प्रभारी को मजबूर किए थे। मध्यान भोजन में बच्चों को चावल के साथ पानी लायक दाल व सब्जी मिलता है। बिना तेल मसाला का खाना बनाया जाता है।
जांच में खुली पोल,डीपीओ ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
शिकायत मिलने पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मिड-डे मील अंशु कुमारी ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। करीब दो घंटे चली जांच में स्टॉक पंजी और धरातल की स्थिति में भारी अंतर पाया गया। बच्चों ने अधिकारी के सामने अंडा न मिलने की पुष्टि की। रसोइया द्वारा घूस मांगे जाने की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। गैस के बजाय असुरक्षित तरीके से चूल्हे पर खाना बनता पाया गया।
कुमारी ने कहा कि बच्चों का निवाला गटकने वाले प्रभारी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत और स्टॉक पंजी की विसंगतियों के आधार पर राशि रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और संबंधित दोषी पर कड़ी कार्रवाई होगी।- अंशू कुमारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन)