IIT से IAS तक... नालंदा DM उदिता सिंह ने छात्राओं से साझा की सफलता की कहानी, भगवान राम और PM मोदी का भी जिक्र
नालंदा की डीएम उदिता सिंह ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत छात्राओं से संवाद किया और अपनी आईआईटी से आईएएस तक की सफलता की कहानी साझा की। ...और पढ़ें

छात्राओं से रूबरू नालंदा डीएम उदिता सिंंह।

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जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। IAS Success Story: बड़े सपने देखो, उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करो। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
जिला पदाधिकारी उदिता सिंह के ये शब्द जब कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने सुने तो उनके चेहरे आत्मविश्वास से खिल उठे।
समाहरणालय स्थित डीएम कार्यालय सोमवार को महज एक सरकारी दफ्तर नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने वाला प्रेरणा केंद्र बन गया।
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत कमरूद्दीनगंज स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की कक्षा छह, सात और आठ की छात्राओं ने जिला मुख्यालय के विभिन्न कार्यालयों का भ्रमण किया।
प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से देखने के साथ उन्हें जिला पदाधिकारी उदिता सिंह से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। यह मुलाकात बच्चियों के लिए किसी प्रेरक क्लास से कम नहीं रही।
'मेरा भी सपना इंजीनियर बनने का था'
छात्राओं से बातचीत के दौरान डीएम उदिता सिंह ने अपने जीवन का संघर्ष साझा करते हुए बताया कि उनका पहला सपना इंजीनियर बनने का था।
उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, लेकिन यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और कड़ी मेहनत, अनुशासन व लगातार प्रयास के दम पर यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनीं।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि सपने तभी पूरे होते हैं, जब उन्हें पाने के लिए पूरी ईमानदारी से मेहनत की जाए। असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
संकोच छोड़ो, अपनी बात बेझिझक कहो
डीएम ने बच्चियों से कहा कि लड़कियां कभी खुद को कमजोर न समझें। अपनी भावनाएं, समस्याएं और इच्छाएं बिना झिझक व्यक्त करें।
आत्मविश्वास ही सफलता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी देते हुए बताया कि जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का निस्संकोच उपयोग करें।
'जो जितना तपता है, उतना ही चमकता है'
बच्चियों को प्रेरित करते हुए डीएम ने भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियां ही व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं।
"जो जितना तपता है, वह उतना ही चमकता है।" इसलिए संघर्षों से भागने के बजाय उनका डटकर सामना करना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्षपूर्ण जीवन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर देश का नेतृत्व कर सकता है। यही संदेश हर बेटी के लिए प्रेरणा है कि परिस्थितियां नहीं, बल्कि हौसले सफलता तय करते हैं।
बड़े सपने देखने का लिया संकल्प
डीएम ने छात्राओं से कहा कि वे बड़ा सोचें, स्पष्ट लक्ष्य तय करें और अनुशासन, मेहनत तथा आत्मविश्वास के साथ उसे हासिल करने का प्रयास करें।
उन्होंने दोहराया कि "सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।" अंत में सभी छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे शिक्षा के बल पर अपने माता-पिता, विद्यालय, नालंदा और देश का नाम रोशन करेंगी।
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने पुलिस कंट्रोल रूम, लोक शिकायत निवारण कार्यालय, व्यवहार न्यायालय, वन स्टॉप सेंटर और आरटीपीएस काउंटर सहित जिला मुख्यालय के विभिन्न कार्यालयों का भी दौरा किया।
वहां उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनसेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। यह अनुभव न सिर्फ उनके लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि कई बेटियों के मन में प्रशासनिक सेवा में जाने का नया सपना भी जगा गया।
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