नालंदा में 13 वर्षीय बच्चे के अपहरण की कहानी झूठी, पड़ोसियों को फंसाने की साजिश का खुलासा
नालंदा के कतरीसराय में 13 वर्षीय बालक के अपहरण का मामला फर्जी निकला। पुलिस जांच में सामने आया कि पड़ोसियों को फंसाने के लिए यह सुनियोजित साजिश रची गई ...और पढ़ें

आरोपी के साथ पुलिस। फोटो जागरण
HighLights
13 वर्षीय बालक के अपहरण का मामला फर्जी निकला।
पड़ोसियों को झूठे केस में फंसाने की साजिश थी।
पुलिस ने साजिश रचने वाले एक आरोपी को पकड़ा।
संवाद सूत्र, कतरीसराय। कतरीसराय थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित खंधा से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 13 वर्षीय बालक के कथित अपहरण मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
जांच में अपहरण की पूरी कहानी फर्जी निकली। पुलिस ने मामले में साजिश रचने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपित ने अपने संबंधियों के साथ मिलकर घटना की साजिश रचने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार, 23 मई 2026 को उक्त थाना क्षेत्र गांव निवासी कारु 13 वर्षीय बालक खेत में पटवन के दौरान लापता हो गया था। स्वजन की शिकायत पर कतरीसराय थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
इसी बीच 12 जुलाई को बालक रजौली थाना पहुंच गया। उसने पुलिस को बताया कि उसका अपहरण कर लिया गया था। रजौली थाना पुलिस ने इसकी सूचना कतरीसराय थाना को दी, जिसके बाद बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया।
सुनियोजित थी साजिश
बालक के बयान में विरोधाभास मिलने पर कतरीसराय थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गहन जांच शुरू की। अपर थानाध्यक्ष आदित्य कुमार और अनुसंधानकर्ता मुकुंद भारती ने घटनास्थल व आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
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फुटेज में दो व्यक्ति मोटरसाइकिल से बालक को उतारते हुए दिखाई दिए। इसके बाद तकनीकी साक्ष्य, मानवीय सूचना और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी गईं।
जांच में स्पष्ट हुआ कि अपहरण की घटना वास्तविक नहीं थी, बल्कि यह एक सुनियोजित साजिश थी। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपहरण की कहानी को असत्य पाया।
मामले में रजौली थाना क्षेत्र के कौरीखाप गांव निवासी रघुवीर यादव के पुत्र राजो यादव को गिरफ्तार किया गया है। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि उसने अपने संबंधियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। इसका उद्देश्य वादी के पड़ोसियों को झूठे आपराधिक मामले में फंसाना था।
पुलिस ने बताया कि मामले में विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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