रक्षाबंधन पर नालंदा में उतरीं 'पुलिस दीदियां', स्कूटी से करेंगी महिला सुरक्षा की मॉनिटरिंग
नालंदा पुलिस ने रक्षाबंधन के अवसर पर 'अभया ब्रिगेड' की शुरुआत की है, जिसमें महिला पुलिसकर्मी स्कूटी से गश्त करेंगी। ...और पढ़ें
HighLights
महिला पुलिसकर्मी स्कूटी से करेंगी विभिन्न इलाकों में गश्त।
महिलाओं और बालिकाओं को तत्काल पुलिस सहायता मिलेगी।
स्कूल-कॉलेज, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर रहेगी नजर।
जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। रक्षाबंधन के मौके पर नालंदा पुलिस ने महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को ‘अभया ब्रिगेड’ की शुरुआत की। इसके तहत महिला पुलिसकर्मियों की टीम स्कूटी से विभिन्न इलाकों में गश्त करेगी। महिलाओं और बालिकाओं को जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के साथ उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
पुलिस केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में लाइन डीएसपी श्याम किशोर रंजन ने महिला पुलिसकर्मियों की टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि नालंदा जिले को 20 स्कूटी और 15 मोटरसाइकिलें मिली हैं। इनमें से स्कूटी से महिला पुलिसकर्मियों की पेट्रोलिंग शुरू की गई है।
स्कूल-कॉलेज और बाजारों पर रहेगी नजर:
अभया ब्रिगेड की टीम स्कूल-कॉलेज, बाजार, सार्वजनिक स्थलों और अन्य संवेदनशील इलाकों में गश्त करेगी। पुलिस का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं के बीच सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना है। किसी महिला या बालिका को परेशानी होने पर टीम मौके पर पहुंचकर मदद करेगी।
महिला पुलिसकर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहने, आम लोगों से बेहतर समन्वय बनाने और महिलाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया गया है। गश्त के दौरान महिला सुरक्षा से संबंधित जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
सुरक्षा के साथ जागरूकता भी
अभया ब्रिगेड का काम केवल गश्त तक सीमित नहीं रहेगा। महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और जरूरत के समय पुलिस से संपर्क करने के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी। खासकर छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के बीच पुलिस की पहुंच बढ़ाने पर जोर रहेगा।
बिहार सरकार की राज्यस्तरीय पहल के तहत पुलिस को महिला सुरक्षा के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई गई हैं। इसी क्रम में नालंदा को 20 स्कूटी और 15 मोटरसाइकिलें मिली हैं।
एसपी हृदयकांत ने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस दीदी के माध्यम से महिला पुलिसकर्मियों की क्षेत्र में मौजूदगी बढ़ेगी। इससे जरूरतमंद महिलाओं को तत्काल पुलिस सहायता मिल सकेगी और उनमें सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत होगा।
