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नालंदा में अलग-अलग हादसों में दो की मौत; वाहन की टक्‍कर से अधेड़, करंट से बुजुर्ग की गई जान

Published: Thu, 30 Jul 2026 02:26 PM (IST)

नालंदा में दो अलग-अलग घटनाओं में दो व्यक्तियों की जान चली गई। गिरियक में साइकिल सवार राजमिस्त्री को स्कार्पियो ने ...और पढ़ें

ग‍िरियक हादसे के बाद अस्‍पताल पहुंची पुलि‍स व स्‍वजन। जागरण

ग‍िरियक हादसे के बाद अस्‍पताल पहुंची पुलि‍स व स्‍वजन। जागरण

HighLights

  1. गिरियक में स्कार्पियो की टक्कर से राजमिस्त्री रूखी पंडित की मौत।

  2. हरनौत में करंट लगने से बुजुर्ग केयरटेकर रोहन रविदास की मृत्यु।

  3. दोनों घटनाओं में पुलिस जांच जारी, परिजनों में शोक का माहौल।

संवाद सूत्र, गिरियक/हरनौत (नालंदा)। गिरियक थाना क्षेत्र के पहलौवा गांव के समीप खराट–वारसलीगंज मुख्य मार्ग पर गुरुवार सुबह सड़क हादसे में पहलौवा गांव निवासी 51 वर्षीय राजमिस्त्री की मौत हो गई।

मृतक की पहचान स्वर्गीय धनु पंडित के 51 वर्षीय पुत्र रूखी पंडित के रूप में हुई है। स्‍वजन ने बताया कि रूखी पंडित साइकिल से मुर्गियाचक राजमिस्त्री का काम करने जा रहे थे।

इसी दौरान पहलौवा गांव के समीप तेज रफ्तार स्कार्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी अस्पताल ले जाया गया।

वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रूखी पंडित मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

गिरियक थाना अध्यक्ष गौरव कुमार सिंह ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी है।

करंट लगने से बुजुर्ग केयर टेकर की मौत 

वेना थाना क्षेत्र और हरनौत प्रखंड के सरथा निवासी 77 वर्षीय रोहन रविदास की मृत्यु करंट लगने से हो गई। मृतक के पुत्र के अनुसार, रोहन रविदास लगभग बीस वर्षों से गांव के ही देवेंद्र सिंह के घर की रखवाली करते थे।

गृहस्वामी अन्यत्र रहते हैं। बुधवार शाम किसान के घर से कचरा फेंकने के दौरान करंट लगा। वेना थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक अनुसंधान में घर की सफाई के दौरान करंट लगने की के साक्ष्य मिले हैं।

हरनौत नगर पंचायत के उप-मुख्य पार्षद के सहयोगी सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश सिंह ने दावा किया कि बिजली के पोल में करंट आ रहा था।

उन्होंने बताया कि मोहन रविदास दिन में जितेंद्र सिंह के घर में रहते थे। रात में अपना घर चले जाते थे। जब देर शाम नहीं लौटे तो स्वजन ढूंढते हुए पहुंचे।

देखा, मोहन रविदास की मृत्यु हो चुकी है। बताया कि गृह स्वामी को सूचना मिलने पर अंतिम संस्कार और श्राद्घ आगे बढ़ाने के लिए राशि भेजी है।