नालंदा के मंदिर में मची भगदड़ ने छीनी खुशियां, 8 'मां' की मौत से घरों के आंगन पड़े सूने
नालंदा के इस्लामपुर स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार को हुई भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक फैल गया। दर्शन के दौरान अत्यध ...और पढ़ें

शीतला माता मंदिर भगदड़ ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं
संवाद सूत्र, इस्लामपुर(नालंदा)। नालंदा के इस्लामपुर स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार को हुई भगदड़ ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में 8 महिलाओं की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना के बाद गांवों में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर घर में इस हादसे की चर्चा और दर्द महसूस किया जा रहा है।
दर्शन के दौरान मची भगदड़
बताया जा रहा है कि मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे थे। भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई।
इस दौरान कई महिलाएं गिर गईं और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते स्थिति भयावह हो गई।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में जान गंवाने वाली महिलाएं अलग-अलग गांवों की थीं। जैसे ही शव गांव पहुंचे, वहां चीख-पुकार मच गई।
परिजनों का कहना है कि वे पूजा के लिए गई थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। इस हादसे ने कई बच्चों से उनकी मां छीन ली।
हर मंगलवार जाती थीं पूजा करने
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई महिलाएं हर मंगलवार मंदिर जाया करती थीं। इस बार भी वे श्रद्धा के साथ पूजा करने पहुंची थीं।
लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी। इस घटना ने आस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
अगर सही व्यवस्था होती, तो शायद इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। प्रशासन की लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी है।
डीजीपी ने जांच के दिए आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीजीपी ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि हादसा दुखद है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए कदम उठाए जाएंगे।
मुआवजा और मदद की पहल
हादसे के बाद जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों को सहायता देने की घोषणा की है। कुछ लोगों को आर्थिक मदद भी दी गई है।
सरकार और प्रशासन की ओर से राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनका दर्द कम होना मुश्किल है।
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