राजगीर रोपवे पर आकाशीय बिजली का कहर, 1 घंटे तक हवा में फंसे रहे 25 पर्यटक
राजगीर में मंगलवार शाम वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से विश्व शांति स्तूप जाने वाले रोपवे का संचालन ठप हो गया। इसमें 18 केबिनों में सवार करीब 25 प ...और पढ़ें

सांकेतिक फोटो
HighLights
आकाशीय बिजली गिरने से राजगीर रोपवे का संचालन ठप।
18 केबिनों में फंसे 25 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया गया।
रोपवे प्रबंधन और तकनीकी टीम ने तत्परता से रेस्क्यू किया।
संवाद सहयोगी, राजगीर। राजगीर में मंगलवार की शाम वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से विश्व शांति स्तूप जाने वाले रोपवे का संचालन अचानक ठप हो गया। तकनीकी खराबी आने से हवा में चल रहे रोपवे के 18 केबिन बीच रास्ते में ही रुक गए।
इनमें तीन-चार केबिनों में सवार करीब 25 पर्यटक लगभग एक घंटे तक हवा में फंसे रहे। हालांकि, रोपवे प्रबंधन की तत्परता और तकनीकी टीम की मशक्कत से सभी पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
जानकारी के अनुसार, निर्धारित समय के अनुसार विश्व शांति स्तूप से लौट रहे पर्यटक रोपवे के माध्यम से लोअर प्लेटफार्म स्टेशन की ओर आ रहे थे।
इसी दौरान तेज वर्षा के बीच आकाशीय बिजली गिरने से रोपवे के इलेक्ट्रानिक पार्ट्स में तकनीकी खराबी आ गई और पूरा सिस्टम बंद हो गया। देखते ही देखते सभी 18 केबिन बीच रास्ते में रुक गए, जिससे उनमें बैठे पर्यटकों की सांसें थम गईं।
रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि घटना के तुरंत बाद तकनीकी व इंजीनियरिंग टीम को सक्रिय किया गया। करीब एक घंटे तक लगातार जांच और मरम्मत का कार्य चलता रहा। खराबी दूर होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई और रोपवे का संचालन दोबारा शुरू किया गया।
इसके बाद सभी केबिनों को सुरक्षित लोअर प्लेटफार्म स्टेशन तक लाकर पर्यटकों को सकुशल उतार लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही राजगीर थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत व सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली।
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इस दौरान रोपवे में फंसे पर्यटकों को लगातार माइकिंग के माध्यम से शांत रहने, घबराने से बचने और प्रशासन पर भरोसा बनाए रखने की अपील की जाती रही।
प्रबंधक के अनुसार, केबिनों में सवार अधिकांश पर्यटक कांवरिया संघ के सदस्य थे। सुरक्षित नीचे उतरने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
कई कांवरियों ने बताया कि शुरुआती कुछ मिनटों तक डर जरूर लगा, लेकिन बाद में हवा में रुके केबिन से घने बादलों, वर्षा और हरियाली से ढके पर्वतों का मनमोहक दृश्य उनके लिए जीवनभर की याद बन गया।
इस घटना ने कुछ देर के लिए चिंता जरूर बढ़ाई, लेकिन सुरक्षित रेस्क्यू के बाद सभी ने रोपवे प्रबंधन और प्रशासन की तत्परता की सराहना की।
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