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    हरियाणा की केमिकल फैक्ट्री में आग: बिहार के 2 मजदूरों का अब तक नहीं लगा सुराग, रेस्क्यू में जुटी NDRF टीम 

    Updated: Thu, 21 May 2026 12:07 AM (IST)

    रेवाड़ी के बावल औद्योगिक क्षेत्र स्थित जीएलएस केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग के 48 घंटे बाद भी दो श्रमिक लापता हैं। एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें मलबे ...और पढ़ें

    रेवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में आग। फाइल फोटो

    रेवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में आग। फाइल फोटो

    HighLights

    1. रेवाड़ी फैक्ट्री आग में दो श्रमिक लापता।

    2. एनडीआरएफ टीमें मलबे में कर रही तलाश।

    3. कई श्रमिक घायल, अस्पताल में भर्ती।

    जागरण संवाददाता, रेवाड़ी/नालंदा। बावल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जीएलएस केमिकल फैक्ट्री में मंगलवार दोपहर लगी भीषण आग के बाद हालात अब भी चिंताजनक हैं। हादसा हुए 48 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन फैक्ट्री में लापता हुए दो श्रमिकों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।

    NDRF और प्रशासन की राहत टीमें लगातार मलबे में श्रमिकों की तलाश कर रही हैं। जेसीबी की सहायता से जले हुए हिस्सों को हटाया जा रहा है, ताकि लापता श्रमिकों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार मौके पर नजर बनाए हुए हैं। बुधवार को जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं बावल थाना पुलिस ने एक श्रमिक के लापता होने का मुकदमा दर्ज किया है।

    दरअसल, आग इतनी भयानक थी कि उसने कुछ ही समय में पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग की कई गाड़ियां घंटों की मशक्कत के बाद देर रात आग पर काबू पाने में सफल रहीं, लेकिन फैक्ट्री के रेजिंग प्लांट में काम कर रहे श्रमिकों में से धर्मेंद्र और सतेंद्र का अभी तक पता नहीं चल सका है।

    दोनों श्रमिकों की साइकिलें भी फैक्ट्री परिसर में ही खड़ी मिली हैं। आशंका जताई जा रही है कि दोनों श्रमिक आग की चपेट में आ गए होंगे।

    आग की चपेट में आने से हरि बाबू और प्रवेश की गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और विक्रम और अमित को गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य झुलसे श्रमिकों का रेवाड़ी व बावल के अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है।

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    फैक्ट्री में आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं

    फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, हालांकि प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के चिलिंग प्लांट की रिपेयरिंग का काम चल रहा था, जिसके कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

    वहीं, श्रमिकों के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है और जल्द से जल्द अपने प्रियजनों की जानकारी मिलने की उम्मीद लगाए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    सुबह छह बजे फैक्ट्री गया था लापता धर्मेंद्र

    लापता कर्मी के भाई जितेंद्र ने बताया कि उसका भाई 26 वर्षीय धर्मेंद्र सुबह छह बजे की शिफ्ट में फैक्ट्री गया था। जब शाम को घर वापस नहीं पहुंचा, तो उसकी तलाश में फैक्ट्री पहुंचे, जहां उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। आग लगने के बाद से जब उसके भाई का कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की शिकायत पुलिस को दी।

    जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह बिहार के जिला शेखपुरा के गांव केबलबीघा का रहने वाला है। पिछले करीब चार वर्ष से बड़े भाई धर्मेंद्र के साथ काम की तलाश में यहां था। अभी बनीपुर में किराये पर रह रहे हैं। धमेंद्र के दो बेटे हैं।

    लापता श्रमिकों में शामिल करीब 45 वर्षीय सतेंद्र पुत्र जगदीश पासवान बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है, जो पिछले कई माह से गांव बनीपुर में किराये के मकान में रह रहा था।

    हादसे की सूचना पर उसके स्वजन भी मौके पर पहुंच गए हैं। सतेंद्र भी सुबह की शिफ्ट में फैक्ट्री गया था। आग लगने के बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला है।

    फैक्ट्री में लगी आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। दो श्रमिकों के लापता होने की सूचना है। एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया है, जो रेस्क्यू कर रही है। -हेमेंद्र कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी