10 साल से गांव में नहीं पी जाती ताड़ी-शराब, अब नवादा के इस टोले ने लिया एक और बड़ा संकल्प
नवादा के अजय नगर में शराबबंदी के 10 वर्ष पूरे होने पर ग्रामीणों ने इसे जारी रखने और सभी बच्चों ...और पढ़ें

नवादा के अजय नगर में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण। जागरण
HighLights
अजय नगर में 10 साल से ताड़ी-शराबबंदी जारी।
ग्रामीणों ने सभी बच्चों को शिक्षित करने की शपथ ली।
दशरथ मांझी की प्रेरणा से शिक्षा को प्राथमिकता।
जागरण संवाददाता, नवादा। बाबा दशरथ मांझी ने पहाड़ काटकर रास्ता बनाया था, अब नवादा के अजय नगर के ग्रामीण शिक्षा के जरिए विकास की राह बनाने का संकल्प ले रहे हैं।
हिसुआ प्रखंड की कैथिर पंचायत के अनुसूचित टोला अजय नगर में रविवार को शराबबंदी के 10 वर्ष पूरे होने पर आयोजित वर्षगांठ समारोह में ग्रामीणों ने ताड़ी-शराब से दूर रहने और अपने सभी बच्चों को शिक्षित करने की शपथ ली।
मध्य विद्यालय, अजय नगर के प्रांगण में बाबा दशरथ मांझी जागृति मंच, नवादा के तत्वावधान में महादलित ग्राम विकास समिति ने समारोह आयोजित किया।
वर्ष 2015 में समिति ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पहल करते हुए गांव में पूर्ण ताड़ी-शराबबंदी का निर्णय लिया था।
समिति के अनुसार, ग्रामीण पिछले 10 वर्षों से इस संकल्प का पालन कर रहे हैं। इसी सामूहिक प्रयास की वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने शराबबंदी के संकल्प को आगे भी बनाए रखने का निर्णय लिया।
अशिक्षा का पहाड़ काटकर बनाएंगे विकास का रास्ता
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब सैकड़ों महिला-पुरुषों ने बाबा दशरथ मांझी के संघर्ष और संकल्प को याद करते हुए गांव में ताड़ी-शराबबंदी जारी रखने तथा अपने सभी बेटे-बेटियों को शिक्षा दिलाने की शपथ ली। ग्रामीणों ने माना कि सामाजिक बदलाव के लिए नशे से दूरी के साथ शिक्षा को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।
बाबा दशरथ मांझी जागृति मंच के संस्थापक कपिलदेव मांझी ने कहा कि जिस तरह दशरथ मांझी ने दृढ़ संकल्प के बल पर गहलौर के पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया, उसी तरह मुसहर समाज को अशिक्षा का पहाड़ काटकर विकास का रास्ता बनाना होगा।
इसके लिए बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने और शिक्षा से जुड़ने की अपील की।
महापुरुषों के विचार अपनाने पर दिया जोर
अकबरपुर प्रखंड की कुलना पंचायत की मुखिया करण मांझी और चितरघट्टी पंचायत के मुखिया पति रामविलास दास मांझी ने कहा कि संविधान निर्माता डाॅ. भीमराव आंबेडकर, संत कबीर दास और बाबा दशरथ मांझी के विचारों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महादलित ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष कनु मांझी ने की, जबकि संचालन मंच के संस्थापक कपिलदेव मांझी ने किया। इस दौरान जागृति मंच के जिला पदाधिकारियों को फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
मौके पर मंच के जिलाध्यक्ष रंजन कुमार, समिति के सचिव मुगल रविदास, कोषाध्यक्ष सुदय मांझी, बलमान मांझी, होरिल मांझी, छोटेलाल मांझी, विदेशी मांझी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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