यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Bhumi Survey: नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, जमीन सर्वे के बाद होगा डिजिटल सर्वे; हर घर को मिलेगा यूनिक नंबर
बिहार में अभी भूमि सर्वेक्षण जारी है। इसके बाद डिजिटल सर्वे भी होगा। इस सर्वे से एक ही फ्रेमवर्क में सभी सूचना संकलित होगी। सर्वे में हर घर को एक यूनि ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, मेसकौर (नवादा)। बिहार में चल रहे भूमि सर्वेक्षण (Bihar Bhumi Survey) का मकसद जमीन के आंकड़े को और भी पारदर्शी बनाना है। इससे जमीन से जुड़े विवाद कम होंगे और साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि जमीन के असली मालिक कौन हैं?
इस सर्वे के माध्यम से सरकार यह भी जानना चाहती है कि कितनी जमीन सरकारी है और इस जमीन पर किसका कब्जा है। भूमि सर्वे के दौरान भू स्वामित्व के लिए सरकार एक यूनिक नंबर जारी करेगी। यह नंबर सरकारी कामों में पहचान के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
यूनिक नंबर का फायदा?
यूनिक नंबर से बिजली कनेक्शन, पानी की समस्या, एम्बुलेंस या पुलिस शिकायत दर्ज कराना आसान होगा। राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी इसी नंबर से मिलेगा। मकान के स्वामी सरकारी कार्य में भी पहचान के तौर पर ये दे सकते हैं। इसके लिए डिजिटल सर्वे का भी काम शुरू होगा।
डिजिटल सर्वे के दौरान सभी घरों को एक यूनिक नंबर भी मिलेगा, जिसकी सारी जानकारी गुगल पर सर्च करने तथा यूनिक नंबर डालने के साथ सारा ब्यौरा सामने आ जाएगा।
एक ही फ्रेमवर्क में संकलित होगी सभी सूचना
डिजिटल सर्वे में संपत्ति सर्वे का आम नागरिकों के साथ-साथ गांव के विकास की कार्य योजना एवं उसके क्रियान्वयन भी काफी आसान हो जायेगा। इस सर्वे से एक ही फ्रेमवर्क में सभी सूचना संकलित होगी।
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यह कार्य पूर्ण हो जाने के बाद सरकार के पास सही आंकड़े उपलब्ध होंगे। जिससे राज्य एवं केंद्र सरकार की योजना का लाभ इसी यूनिक नंबर से लाभार्थी को मिलेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी?
अभी प्रपत्र -दो और तीन सभी भू स्वामित्व जमा नहीं कर सके हैं। यह सभी कार्य पूर्ण हो जाने के बाद सर्वे के अंतिम चरण में यूनिक नंबर जारी किया जाएगा। जो बहुत ही उपयोगी होगा। हालांकि अभी यूनिक नंबर जारी करने में समय लगेगा। - जितेंद्र कुमार, कानुनगो, मेसकौर
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