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    9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को रोजगार के गुर; बिहार में शिक्षा विभाग की नई पहल, पढ़ाई के साथ कमाई की तैयारी

    Updated: Sun, 31 May 2026 11:24 AM (GMT+05:30)

    बिहार के सरकारी विद्यालयों में 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को अब पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल सिखाए जाएंगे। बिहार शिक्षा विभाग ने पिरामल फाउंडेशन के सा ...और पढ़ें

    प्‍लंब‍िंग का प्रश‍िक्षण लेते बच्‍चे। जागरण

    प्‍लंब‍िंग का प्रश‍िक्षण लेते बच्‍चे। जागरण

    HighLights

    1. सरकारी विद्यालयों में रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण।

    2. 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को लाभ।

    3. मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर, सिलाई जैसे कोर्स।

    मनमोहन कृष्ण, नवादा। जिले के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल भी सिखाए जाएंगे।

    कोई मोबाइल रिपेयरिंग सीखेगा, तो कोई कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। वहीं छात्राएं सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटीशियन और फैशन डिजाइनिंग जैसे कोर्सों की जानकारी हासिल कर सकेंगी।

    बच्चों को पेंटिंग, स्केचिंग समेत अन्य व्यावसायिक कौशलों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा निदेशालय इसका संचालन करेगा। 

    इस पहल के तहत जिले के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को रोजगार एवं जीवन कौशल विकास कार्यक्रम (Employability and Life Skill Development Program) से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए सरकार ने Piramal Foundation के साथ समझौता किया है।

    प्रत्‍येक शन‍िवार को द‍ी जाएगी ट्रेनिंग

    कार्यक्रम के तहत चयनित विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी क्रम में शनिवार को अकबरपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, तेयार तथा वारिसलीगंज प्रखंड के शाहपुर स्थित इंटर विद्यालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    पिरामल फाउंडेशन की प्रशिक्षक प्रियंका किशोर ने छात्र-छात्राओं को व्यावसायिक कौशल की जानकारी दी। पहले दिन बच्चों को प्लंबिंग और कंप्यूटर से संबंधित बुनियादी जानकारी दी गई।

    शिक्षकों का भी हो रहा उन्मुखीकरण

    रोजगार एवं जीवन कौशल विकास कार्यक्रम के तहत पहले चरण में शिक्षकों का उन्मुखीकरण किया जा रहा है, ताकि वे विद्यालयों में बच्चों को विभिन्न रोजगारपरक अवसरों और कौशलों की जानकारी दे सकें।

    कार्यक्रम के दौरान बच्चों को प्लंबिंग यानी घरों में पानी की पाइपलाइन से जुड़े कार्यों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षक प्रियंका किशोर ने कहा कि सरकार की इस पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा पूरी करने से पहले रोजगार के लिए तैयार करना है।

    उन्होंने बताया कि "सुरक्षित शनिवार" कार्यक्रम के अंतर्गत इस पहल का और विस्तार किया जाएगा। इसके तहत प्लंबिंग के अलावा सिलाई-कढ़ाई, पेंटिंग, स्केचिंग, ब्यूटीशियन कोर्स, कंप्यूटर प्रशिक्षण, फैशन डिजाइनिंग और मोबाइल रिपेयरिंग जैसे कई रोजगारपरक पाठ्यक्रम शामिल किए जाएंगे।

    प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक सूरज कुमार, बीरेन्द्र कुमार, कविन्द्र कुमार, अमित कुमार, प्रशिक्षक सुधांशु कुमार तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। बच्चों में रोजगारपरक कौशल सीखने को लेकर उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली।

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