हाथियों के आतंक से दहशत में ग्रामीण, गेहूं की फसल बर्बाद; वन विभाग अलर्ट
झारखंड से भटककर आए हाथियों के झुंड ने कौआकोल, नवादा में दहशत फैलाई है। 8-10 हाथियों ने नावाडीह और सोखोदेवरा जंगलों के पास 5 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल ...और पढ़ें

हाथियों के आतंक से दहशत में ग्रामीण
HighLights
झारखंड से आए हाथियों ने कौआकोल में मचाया आतंक।
5 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल हुई बर्बाद।
वन विभाग ने मशाल-पटाखों से हाथियों को खदेड़ा।
संवाद सूत्र, कौआकोल(नवादा)। झारखंड के जंगली इलाके से भटककर आए हाथियों के झुंड ने कौआकोल क्षेत्र में दहशत फैला दी है। नावाडीह जंगल से होते हुए यह झुंड सोखोदेवरा जंगल की ओर पहुंचा। आठ से दस हाथियों के दल ने गांवों के आसपास जमकर उत्पात मचाया। ग्रामीण रातभर जागकर अपने घरों और खेतों की निगरानी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान किसानों की लहलहाती गेहूं की फसल को हुआ है। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम पूरी तरह सतर्क है।
पांच एकड़ से अधिक गेहूं की फसल रौंदी
जानकारी के अनुसार नावाडीह, सोखोदेवरा और कृषि विज्ञान केंद्र सर्वोदय आश्रम की जमीन पर लगी गेहूं की फसल बुरी तरह नष्ट हो गई। करीब पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में फसल रौंद दी गई है।
किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई। इसके अलावा जेपी आश्रम की दीवार को भी हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग खेतों की ओर जाने से भी डर रहे हैं। फसल नुकसान से किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है।
रतजग्गा कर हाथियों को जंगल पार खदेड़ा
हाथियों को भगाने के लिए वन विभाग की टीम ने पूरी रात मशक्कत की। रेंजर सौरभ शांडिल्य के नेतृत्व में टीम ने टॉर्च, मशाल और पटाखों का सहारा लिया।
काफी प्रयास के बाद हाथियों के झुंड को सोखोदेवरा जंगल से बाहर खदेड़ा गया। टीम ने रातभर रतजग्गा कर स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा। वन कर्मियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि दोबारा लौटने की आशंका से इनकार नहीं किया गया है।
खबरें और भी
हर स्थिति से निपटने को वन विभाग तैयार
रेंजर सौरभ शांडिल्य ने बताया कि फिलहाल पर्याप्त मात्रा में मशाल और पटाखों की व्यवस्था कर ली गई है। वरीय अधिकारियों को पूरी घटना की सूचना दे दी गई है। जरूरत पड़ने पर बाहर से अतिरिक्त टीम भी बुलाई जाएगी।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सावधानी बरतने को कहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। फिर भी संभावित खतरे को देखते हुए इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।