Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नवादा में बस पड़ाव पर हर दिन आते हैं सैकड़ों यात्री, शौचालय व पेयजल की सुविधा नदारद

    Updated: Mon, 28 Jul 2025 02:14 PM (IST)

    गोविंदपुर से झारखंड के बासोडीह देवघरगिरिडीह धनबाद कोलकाता के साथ अन्य शहर के लिये वाहन खुलती है।इस बस पड़ाव से चारो दिशा के लिये सैकड़ो यात्री हर दिन आत ...और पढ़ें

    गोविंदपुर बस पड़ाव पर ही दिन आते सैकड़ों यात्री, शौचालय व पेयजल की सुविधा नदारद
    गोविंदपुर बस पड़ाव पर ही दिन आते सैकड़ों यात्री, शौचालय व पेयजल की सुविधा नदारद

    HighLights

    1. बस पड़ाव पर यात्रियों को शौचालय की सुविधा नदारद
    2. सबसे ज्यादा दिक्कत महिला को

    जागरण संवाददात, गोविंदपुर(नवादा)। गोविंदपुर चौक स्थित मुख्य बस पड़ाव पर शौचालय व पेयजल की समस्या से यात्रियों को काफी दिक्कतें का सामना करना पड़ रहा है। बताते चले कि गोविंदपुर चौक स्थित बस पड़ाव पर दिन पर से ही सैकड़ों यात्री के साथ सैकड़ों वाहन का आवागमन होती है। पर यात्रियों के लिये न शौचालय की सुविधा और न पेयजल की सुविधा है।

    जिससे यात्रियों के साथ आम लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां बता दे कि यही बस पड़ाव से गोविंदपुर से पटना, नवादा, बिहार, अकबरपुर, फतेहपुर, रजौली, कोडरमा के साथ अन्य झारखंड तथा बिहार के कई शहर व गांव के लिये वाहन खुलती है। इधर गोविंदपुर से झारखंड के बासोडीह, देवघर,गिरिडीह, धनबाद, कोलकाता के साथ अन्य शहर के लिये वाहन खुलती है।इस बस पड़ाव से चारों दिशा के लिये सैकड़ों यात्री हर दिन आते जाते है लेकिन इस बस पड़ाव पर यात्रियों को जैसे मुख्य शौचालय की सुविधा नदारद है। पुरुष लोग तो शौचालय के लिये किसी तरह सुविधा तो पा लेते है लेकिन महिलाओं के लिये काफी दिक्कतें का सामना करना पड़ता है।

    क्या कहते है यात्री

    इस बस पड़ाव पर आने जाने वाले यात्री नवादा के सुरेश कुमार बताते है कि इस पड़ाव पर शौचालय होना जरूरी है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिला को आती है।

    गोविंदपुर के विनय मालाकार ने भी बताया कि इस पड़ाव पर शौचालय व पेयजल की व्यवस्था एकदम जरूरी है। उसने बताया कि चार दिन पहले एक बोलबम की गाड़ी से महिला इस पड़ाव पर शौचालय ढूंढने लगी नहीं मिला तो 250 मीटर आगे सड़क के किनारे झाड़ी में शौच के लिये जाना पड़ा।

    इसी तरह की बातें बस संचालक छोटू सिंह ने बताया कि इस बस पड़ाव पर शौचालय की व्यवस्था है ही नहीं तथा इसके पहले भी नहीं था।प्रशासन तथा जनप्रतिनिधि को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

    इसी बीच बस एजेंट कमाल पुर के महेंद्र यादव ने भी बताया शौचालय व पेयजल की व्यवस्था नहीं रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पेयजल नहीं रहने से तो यात्री बोतल खरीद कर काम चला लेते है। लेकिन शौचालय नहीं होने से काफी दिक्कत होती है।

    खबरें और भी

    इधर इस बस पड़ाव पर शौचालय व पेयजल की व्यवस्था को लेकर बीडीओ कुमार शैलेन्द्र ने बताया कि इस बस पड़ाव पर वाकई शौचालय की व्यवस्था नहीं है। मगर इस प्रखंड के लिये सार्वजनिक स्थल के लिये दो जगहों पर शौचालय का निर्माण के लिये प्रस्ताव आया है। जल्द से जल्द इस प्रस्ताव पर कार्य करने की बात बताया गया।