यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nawada News: बेटा एक साल से लापता, बरामदगी को लेकर मां ने सड़क पर जमकर काटा बवाल; फिर पुलिस ने उठाया ये कदम
एक साल से लापता अपने बेटे को लेकर मां ने सड़क जामकर खूब बवाल काटा। इसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए महिला को हिरासत में ले लिया। फिर महिला को ...और पढ़ें

HighLights
- 22 दिनों से लगातार कलेक्ट्रेट के समक्ष अनशन पर है महिला
- महिला ने 11 जुलाई को आत्मदाह करने की दे रखी है चेतावनी
- 10 जुलाई को चक्का जाम करने की बात पहले से कर रही थी महिला
जागरण संवाददाता, (नवादा)। नवादा जिला अंतर्गत नगर थाना क्षेत्र के गोपाल नगर मोहल्ला निवासी स्वर्गीय अनिल कुमार की पत्नी स्नेहा भारती अपने पुत्र अनुराग कुमार उर्फ सोनू की बरामदगी को लेकर बीते 22 दिनों से समाहरणालय के समीप अनशन पर थी।
अपने पूर्व निर्धारित घोषणा के अनुसार, वह बुधवार को नगर की मुख्य सड़क को जाम करने पहुंची। बांस से बैरिकेडिंग कर सड़क जाम कर दिया। इसकी सूचना पर पहुंची नगर थाना की पुलिस ने सड़क जाम हटाने का प्रयास किया। इस बीच महिला और पुलिस बल के बीच जमकर हाथापाई हुई।
आक्रोशित महिला ने एक फल का कैरेट उठाकर नगर थाना के एक एसआई के ऊपर फेंक दिया, जिसमें उन्हें हल्की चोट आई। तब वहां मौजूद महिला सिपाही ने गुस्साई महिला को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन महिला किसी की भी बात को सुनने के लिए तैयार नहीं थी। वह महिला सिपाही के साथ भी उलझ गई।
पिछले 23 जुलाई को लापता हुआ था महिला का पुत्र
कुछ देर के बाद पुलिस ने बलपूर्वक महिला को उठाकर नगर थाना ले गई। इसके बाद, जाम को हटाया गया। बता दें की गोपाल नगर मोहल्ला निवासी स्नेहा भारती का पुत्र 13 जुलाई, 2023 से लापता है। इस संबंध में महिला द्वारा नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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इसके साथ ही मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारी तक अपने बेटे की बरामदगी के लिए वह मां गुहार लगा चुकी है। जब इससे भी मामला का खुलासा नहीं हुआ, तब जाकर 19 जून, 2024 से लगातार 22 दिनों तक अनशन पर बैठी रही।
पुलिस ने 15 दिन का मांगा था समय
इस बीच नवादा सदर एसडीओ अखिलेश प्रसाद, मुख्यालय डीएसपी इमरान परवेज, सदर डीएसपी अनुज कुमार और नगर थाना अध्यक्ष अविनाश कुमार अनशन स्थल पर पहुंचकर मामला से अवगत हुए। अनशन के दौरान नगर थाना अध्यक्ष द्वारा 15 दिनों का समय मांगा गया था।
15 दिनों के समय समाप्त होने के बाद जब बेटे की बरामदगी नहीं हो सकी तब जाकर महिला ने डीएम के नाम पत्र लिखकर 10 जुलाई को चक्का जाम करने और 11 जुलाई को समाहरणालय के समीप आत्मदाह करने की चेतावनी दी।
पूर्व निर्धारित घोषणा के तहत महिला ने 10 जुलाई को समाहरणालय के समीप सड़क जाम कर दिया। अब इस पूरे मामले में देखना होगा कि महिला आगे क्या करती हैं। पुलिस कब तक लापता बेटे को ढूंढ पाती है।
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