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    बिहार: त्रिपाल के भरोसे नारदीगंज CDPO ऑफिस, बारिश में भीग रहे सरकारी दस्तावेज; हादसे के साये में कर्मी

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 05:02 PM (GMT+05:30)

    नारदीगंज स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय पिछले 14 वर्षों से एक जर्जर डाक बंगला भवन में संचालित हो रहा है, जहाँ कर्मचारी डर के साये में काम करने को म ...और पढ़ें

    सीडीपीओ कार्यालय नारदीगंज में छत पर लगा त्रिपाल

    सीडीपीओ कार्यालय नारदीगंज में छत पर लगा त्रिपाल

    HighLights

    1. नारदीगंज सीडीपीओ कार्यालय 14 साल से जर्जर भवन में संचालित।

    2. छत से पानी टपकने, प्लास्टर गिरने से कर्मी भयभीत।

    3. नए भवन के लिए प्रशासन की अनदेखी, सुरक्षा पर सवाल।

    अमरेन्द्र कुमार मिश्र, नारदीगंज (नवादा)। बाल विकास परियोजना कार्यालय नारदीगंज का अपना भवन आज तक नसीब नहीं हो सका है। नतीजतन, डाक बंगले के तीन दशक पुराने जर्जर भवन में संचालित यह कार्यालय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित नहीं कही जा सकती है।

    पूरे बरसात के मानसून में यहां कार्यरत कर्मी और अधिकारी किसी अनहोनी के डर के साये में काम करने को मजबूर हैं।

    वर्षा शुरू होते ही भवन की छत से पानी का रिसाव होने लगता है, जिससे पूरे कार्यालय कक्ष में जलजमाव की स्थिति बन जाती है। छत का प्लास्टर और सीलिंग पंखा गिरना यहां आए दिन की बात हो गई है। हाल ही में छत का प्लास्टर गिरने से अधिकारी व कर्मी आंशिक रूप से जख्मी हुए थे।

    बीते 21 जुलाई 2026 (मंगलवार) को हुई वर्षा के कारण स्थिति इतनी बदतर हो गई कि पानी के रिसाव से महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज भींग गए। सीडीपीओ को विवश होकर भवन की छत पर त्रिपाल बंधवाना पड़ा।

    परिसर में बैठकर सरकारी कार्यों का निपटारा करना पड़ा। इस भवन की दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। वहीं दरवाजा विहीन होने के कारण परिसर में अनधिकृत वाहनों की आवाजाही लगी रहती है।

    इस भवन में तीन कमरे और एक बरामदा है। एक कमरे में अधिकारी बैठते हैं, वहीं दो अन्य कमरे में कर्मी कार्यों को निपटाते हैं। सेविका सहायिकाओं की बैठक करने में दिक्कतें आ रही हैं। कर्मियों ने कहा कि मुश्किल में रहकर यहां ड्यूटी करता हूं।

    प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि समस्याओं का समाधान नहीं होना काफी चिंता का विषय है। जब कोई बड़ा हादसा हो जाएगा तब विभाग और प्रशासन की नींद खुलेगी।

    इस कार्यालय में सीडीपीओ मंजू कुमारी, प्रखण्ड समन्वयक सुमन कुमार आर्य, महिला पर्यवेक्षक गुड्डी कुमारी, पुष्पा कुमारी, कुमारी शीला, कविता कुमारी, रूबी कुमारी, लिपिक गजेन्द्र प्रताप और डेटा ऑपरेटर विजया नंद प्रियदर्शी पदस्थापित हैं।

    यह कार्यालय पिछले 14 वर्षों से नारदीगंज पंचायत के डाक बंगला भवन में संचालित है। 2014 में ही तत्कालीन सीडीपीओ संगीता कुमारी ने भूमि उपलब्धता के लिए तत्कालीन सीओ श्रीकांत सिन्हा को पत्र लिखा था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

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    अधिकारी का बयान:

    कार्यालय के नए भवन निर्माण के लिए कई बार जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। वर्षा होते ही छत से पानी टपकता है, जिससे बचाव के लिए छत पर त्रिपाल लगाना पड़ा है। - मंजू कुमारी, सीडीपीओ, नारदीगंज