तूफानी बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर: 16 घंटे में बदले मौसम का कहर, गेहूं की फसल बिछी, आम के टिकोले झड़े
नारदीगंज, नवादा में बीते 16 घंटों में हुई तेज आंधी और बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। तैयार गेहूं की फसलें खेतों में बिछ गईं, जिससे कटाई ...और पढ़ें

तेज आंधी और बारिश ने किसानों को भारी नुकसान
HighLights
तेज आंधी और बारिश से फसलों को भारी नुकसान।
नारदीगंज में गेहूं की तैयार फसलें खेतों में बिछ गईं।
कृषि विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू किया, राहत की उम्मीद।
संवाद सूत्र, नारदीगंज (नवादा)। बीते 16 घंटे में बदले मौसम ने किसानों को बड़ा झटका दिया है। शुक्रवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने खेतीबारी को नुकसान पहुंचाया। कई पंचायतों में तैयार गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। कटाई से पहले फसल बर्बाद होने से किसान चिंतित हैं। पूरे इलाके में नुकसान की तस्वीर सामने आ रही है।
खेतों में बिछी फसल, किसान हुए निराश
कहुआरा पंचायत के पैक्स अध्यक्ष श्रवण कुमार ने नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी करीब सवा तीन बीघा गेहूं की फसल गिर गई है।
कटनी में अभी लगभग एक पखवाड़ा बाकी था। फसल गिरने से दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। इससे उनकी मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है।
10 बीघा फसल बर्बाद, खेत में रोते दिखे किसान
हड़िया गांव के छोटू सिंह की करीब 10 बीघा गेहूं की फसल बिछ गई। तेज हवा और बारिश ने पूरी फसल को जमीन पर गिरा दिया।
छोटू सिंह ने कहा कि उनकी पूंजी और मेहनत दोनों डूब गई। खेत में खड़े होकर वह रोते नजर आए।
यह दृश्य इलाके के किसानों की पीड़ा को बयां करता है। कई अन्य किसान भी इसी तरह की स्थिति से गुजर रहे हैं।
अन्य फसलों और आम को भी नुकसान
पचेया गांव के अनिल सिंह ने बताया कि उनकी खेसारी फसल भी प्रभावित हुई है। पूर्व जिला परिषद सदस्य कृष्णदेव सिंह की गेहूं फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
पसई गांव के कृष्ण कुमार ने डेढ़ बीघा फसल बर्बाद होने की बात कही। कई किसानों ने आम के पेड़ों से मंजर और टिकोले गिरने की शिकायत की।
पूर्व पैक्स अध्यक्ष पंकज कुमार ने कहा कि आम की फसल पर भी असर पड़ा है। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
कृषि विभाग ने शुरू किया आकलन
प्रखंड कृषि पदाधिकारी विवेक कुमार गौरव ने नुकसान की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि फसल गिरने की सूचना लगातार मिल रही है।
हालांकि दानों की गुणवत्ता पर फिलहाल असर नहीं बताया गया है। कृषि कर्मियों को खेतों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
नुकसान का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसानों को राहत देने की उम्मीद जताई जा रही है।