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    नवादा में हाथियों का तांडव जारी: चौथे ग्रामीण की मौत, गांवों में दहशत; सड़क जाम कर फूटा गुस्सा

    Updated: Tue, 12 May 2026 05:54 PM (IST)

    नवादा जिले में हाथियों का आतंक जारी है, जहां हाल ही में कौआकोल में राजाराम पासवान की मौत के बाद मृतकों की संख्या चार हो गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग क ...और पढ़ें

    ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया विरोध

    ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया विरोध

    HighLights

    1. 25 मार्चः रजौली में हाथियों के झुंड ने 30 वर्षीय सनोज भुइयां पर हमला किया, साथ में एक भैंस की भी मौत

    2. 08 अप्रैलः गोविन्दपुर प्रखंड के बहिराडीह इलाके की 61 वर्षीय मुन्ना देवी को हाथियों के झुंड ने कुचला, मौत

    3. 01 मईः गोविन्दपुर प्रखंड के जेटसारी गांव के पास 50 वर्षीय बच्चू राम को हाथियों ने कुचला, हुई मौत

    4. 12 मईः कौआकोल प्रखंड के आजादनगर टोला निवासी 55 वर्षीय राजाराम पासवान को हाथी ने कुचला, मौत

    जागरण टीम, नवादा। नवादा जिले में हाथियों के झुंड का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सोम-मंगलवार की रात कौआकोल प्रखंड के बिंदी चक फुसबंगला स्थित आजादनगर टोला में हाथियों ने 55 वर्षीय राजाराम पासवान को कुचलकर मार डाला।

    बताया जा रहा है कि देर रात हाथियों का झुंड गांव में घुस आया और रास्ते में मिले राजाराम पासवान को हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

    घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

    मार्च से अब तक चार लोगों की जा चुकी जान

    इस साल 25 मार्च से हाथियों का हमला लगातार जारी है। सबसे पहले रजौली में सनोज भुइयां की मौत हुई थी, जहां एक भैंस भी हाथियों का शिकार बनी थी।

    इसके बाद 8 अप्रैल को गोविंदपुर में मुन्ना देवी और 1 मई को बच्चू राम की जान गई।

    अब 12 मई को राजाराम पासवान की मौत के बाद मृतकों की संख्या चार पहुंच गई है।

    रजौली, गोविंदपुर और कौआकोल में ज्यादा आतंक

    झारखंड सीमा से सटे रजौली, गोविंदपुर और कौआकोल प्रखंड हाथियों के आतंक से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड लगातार गांवों में घुस रहा है, जिससे लोग रातभर डर के साए में रहने को मजबूर हैं।

    हाथियों के हमले में इंसानों के साथ पशुओं की भी मौत हो रही है।

    वन विभाग पर उठने लगे सवाल

    लगातार हो रहे हमलों के बाद जिला वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

    ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग हाथियों को नियंत्रित करने या उन्हें जंगल की ओर वापस भेजने में नाकाम साबित हो रहा है।

    लोगों का कहना है कि प्रशासन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है।

    ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया विरोध

    राजाराम पासवान की मौत से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को भलुआही बाजार के पास कौआकोल-रोह मुख्य मार्ग जाम कर दिया।

    ग्रामीण मृतक परिवार को उचित मुआवजा और हाथियों के आतंक से सुरक्षा की मांग कर रहे थे।

    करीब दो घंटे तक सड़क जाम रहने से यातायात प्रभावित रहा।

    20 हजार की सहायता के बाद खुला जाम

    मौके पर पहुंचे अधिकारियों और वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।

    कौआकोल रेंजर सौरभ शांडिल्य ने मृतक के परिजनों को तत्काल 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

    इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब दो घंटे बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया।