नवादा पुलिस को मिलेगी नई ताकत, 15 थानों में अब इंस्पेक्टर संभालेंगे कमान
बिहार पुलिस मुख्यालय के आदेश पर नवादा जिले के 15 थानों में अब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी तैनात होंगे। इससे आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, अनु ...और पढ़ें

नवादा पुलिस को मिलेगी नई ताकत, 15 थानों में अब इंस्पेक्टर संभालेंगे कमान

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जागरण संवाददाता, नवादा। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी पुलिस आदेश संख्या-354/2026 के तहत नवादा जिले के विभिन्न थानों को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। नए आदेश के अनुसार जिले के अब 15 थानों में इंस्पेक्टर स्तर के पुलिस अधिकारी काम करेंगे।
पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) स्तर के लिए थानों को चिन्हित किया गया है। इससे उन थानों में अब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों की तैनाती का रास्ता साफ हो गया है।
बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा दी गए जानकारी में हिसुआ, अकबरपुर, पकरीबरावां, कौआकोल, सिरदला, नेमदारगंज, नारदीगंज, रोह, नरहट, गोविंदपुर, कादिरगंज, नगर थाना, मुफस्सिल थाना, रजौली तथा वारिसलीगंज को पुलिस निरीक्षक स्तर के थानों में शामिल किया गया है।
नए प्रविधान के तहत संबंधित थानों में थाना प्रभारी के रूप में पदस्थापित पुलिस निरीक्षक अब अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का निष्पादन करेंगे।
अब तक सर्किल इंस्पेक्टर द्वारा की जाने वाली पर्यवेक्षणीय टिप्पणियां भी संबंधित थाना स्तर पर ही की जा सकेंगी। इससे मामलों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद है।
जिले में कुल 28 थानों में पहले से 10 थाने में पुलिस निरीक्षक
जिले में कुल 28 थाने हैं। इनमें पहले से 10 स्थानों हिसुआ, अकबरपुर, पकरीबरावां, कौआकोल, नारदीगंज, गोविंदपुर, नगर थाना, मुफस्सिल थाना, रजौली तथा वारिसलीगंज पर पुलिस निरीक्षक कार्यरत हैं।
नए आदेश के बाद पांच अन्य थानों सिरदला, नेमदारगंज, रोह, नरहट और कादिरगंज में भी इंस्पेक्टर स्तर के पद सृजित होने के साथ वहां अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
वहीं, शेष 13 थानों में फिलहाल पुलिस अवर निरीक्षक (एसआइ) स्तर के अधिकारी ही थाना प्रभारी के रूप में कार्य करते रहेंगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसंधान इकाइयों के सुदृढ़ीकरण तथा प्रशासनिक नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
अधिकारियों का मानना है कि इससे अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार होगा, लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी। आम लोगों को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध हो सकेगी। जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।