NHAI का बड़ा एक्शन: नेशनल हाईवे पर अतिक्रमणकारियों को नोटिस, 7 दिन में कब्जा हटाने का अल्टीमेटम
NHAI की गया इकाई ने नवादा जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध कब्जा करने वालों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। अतिक्रमणकारियों को तीन दिनों में जवाब ...और पढ़ें

46 स्थानों पर मिला हाईवे की जमीन पर अवैध कब्जा
HighLights
NHAI ने नवादा हाईवे अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजे।
सात दिनों में स्वेच्छा से कब्जा हटाने का निर्देश।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई तेज।
मनमोहन कृष्ण, नवादा। जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की गया इकाई ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है।
नोटिस में तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने और सात दिनों के अंदर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है।
46 स्थानों पर मिला हाईवे की जमीन पर अवैध कब्जा
नवादा जिले से राष्ट्रीय राजमार्ग-20 और राष्ट्रीय राजमार्ग-82 गुजरते हैं। नगर परिषद की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 46 स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर अवैध अतिक्रमण पाया गया है।
परियोजना निदेशक के निर्देश पर सभी चिन्हित अतिक्रमणकारियों को प्रारंभिक नोटिस तामील कराया जा रहा है।
नोटिस के बाद मचा हड़कंप
हाईवे प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। हाल ही में नवादा शहर में आरओबी निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर लोग पहले से ही असमंजस में थे।
अब एनएचएआई की ओर से नोटिस मिलने के बाद कई लोगों की चिंता बढ़ गई है।
पुलिस बल की भी मांगी गई मदद
राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर नवादा के पुलिस अधीक्षक से पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
प्रशासन का कहना है कि यदि तय समय के भीतर कब्जा नहीं हटाया गया तो पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सख्ती
राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाने की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद और तेज हो गई है।
अदालत ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हाईवे किनारे बने अवैध ढाबों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य अतिक्रमणों को हटाने के निर्देश दिए हैं।
समय पर कब्जा नहीं हटाया तो होगी कार्रवाई
एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने के बाद संबंधित लोगों को पहले अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
इसके बावजूद यदि सात दिनों के भीतर अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा।