Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार में पेपरलेस जनगणना का प्री-टेस्ट पूरा, नवादा की 3 पंचायतें बनीं पायलट क्षेत्र

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 06:10 PM (IST)

    रजौली में 2027 की पेपरलेस जनगणना के लिए चल रहे प्री-टेस्ट का दूसरा चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान प्रगणकों से फीडबैक लिया गया और बताया गया कि वा ...और पढ़ें

    एआई जनरेटेड फोटो

    एआई जनरेटेड फोटो

    HighLights

    1. रजौली में पेपरलेस जनगणना 2027 का प्री-टेस्ट संपन्न।

    2. फरवरी 2027 से पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना प्रक्रिया।

    3. प्रगणकों से ऐप और फील्ड समस्याओं पर लिया गया फीडबैक।

    संवाद सूत्र, रजौली। आगामी फरवरी 2027 से शुरू होने वाली जनगणना की तैयारी के तहत रजौली में चल रहे प्री-टेस्ट का द्वितीय चरण शनिवार को संपन्न हो गया। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के अंतिम दिन जनगणना निदेशालय, पटना से आए सहायक निदेशक रोहित गुप्ता ने रजौली प्रखंड सभागार में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से विस्तार से फीडबैक लिया।

    कार्यक्रम में जनगणना के नोडल पदाधिकारी अनूप कुमार वर्मा और सौरभ कुमार भी उपस्थित थे। भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 को पूरी तरह पेपरलेस और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से देशभर में प्री-टेस्ट कराया जा रहा है।

    बिहार में इसके लिए सोनपुर के अलावा नवादा जिले के रजौली प्रखंड को चुना गया है। रजौली में जोगियामारण, सिरोडावर और चितरकोली इन तीन पंचायतों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत शामिल किया गया है।

    15 दिनों तक चला डाटा संग्रह का काम

    प्री-टेस्ट की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की गई। एक से तीन जुलाई तक रजौली प्रखंड में 87 प्रगणकों और 15 पर्यवेक्षकों को नए जनगणना ऐप और प्रक्रिया को लेकर गहन प्रशिक्षण दिया गया।

    चार और पांच जुलाई को ग्रामीणों द्वारा स्वगणना की प्रक्रिया अपनाई गई। इसके बाद छह जुलाई से 18 जुलाई तक प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की टीम ने तीनों पंचायतों के प्रत्येक घर में जाकर परिवार के सदस्यों, आवास, शौचालय, पेयजल, आय और अन्य सामाजिक-आर्थिक बिंदुओं से संबंधित डाटा मोबाइल ऐप के माध्यम से संग्रहित किया।

    एप और फील्ड की समस्याओं पर हुई चर्चा

    समापन सत्र में सहायक निदेशक रोहित गुप्ता ने सभी प्रगणकों से संवाद किया। ऐप में डाटा एंट्री, जीपीएस लोकेशन, फोटो अपलोड और नेटवर्क की समस्या को लेकर जानकारी ली।

    नोडल पदाधिकारी अनूप कुमार वर्मा ने बताया कि प्रगणकों ने फील्ड में आने वाली कुछ तकनीकी परेशानियों और ग्रामीणों के सवालों को लेकर सुझाव दिए हैं। सभी फीडबैक को एक रिपोर्ट के रूप में जनगणना निदेशालय भेजा जाएगा।

    19-20 जुलाई को रिवीजनल राउंड चलेगा

    अधिकारियों ने बताया कि प्री-टेस्ट के बाद अब 19 और 20 जुलाई को रिवीजनल राउंड चलाया जाएगा। इस दो दिवसीय अभियान में उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जो पहले किसी कारणवश छूट गए थे।

    खबरें और भी

    इसका उद्देश्य शत-प्रतिशत डाटा कवरेज सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अभ्यास है। जनगणना 2027 की वास्तविक प्रक्रिया फरवरी माह से पूरे भारत में एक साथ शुरू होगी। इसमें कागज का उपयोग नहीं होगा। इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल मोड में किया जाना है।

    यह भी पढ़ें- बिहार में परिवहन विभाग की पहल: इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी ₹1.50 लाख तक की सब्सिडी, खाते में आएगी धनराशि