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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar News: 4 लाख नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलना तय, दुर्गापूजा से पहले लगेगी प्रस्ताव पर मुहर

    By Dina Nath SahaniEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Sun, 24 Sep 2023 11:17 PM (IST)

    बिहार में करीब 4 लाख नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की घोषणा जल्द होगी। इससे संबंधित शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर र ...और पढ़ें

    Bihar Teachers News दुर्गा पूजा से पहले नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को मिलेगा तोहफा।
    Bihar Teachers News दुर्गा पूजा से पहले नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को मिलेगा तोहफा।

    HighLights

    1. 15 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियोजित शिक्षकों को दिया था आश्वासन।
    2. दुर्गा पूजा से पहले नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को मिलेगा तोहफा।

    Bihar Teachers News । दीनानाथ साहनी, पटना: बिहार में करीब 4 लाख नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की घोषणा जल्द होगी। इससे संबंधित शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर राज्य मंत्रिमंडल की जल्द स्वीकृति ली जाएगी। लिहाजा, इसका ड्राफ्ट शिक्षा विभाग ने तैयार कर संबंधित विभागों को सहमति हेतु भेज दिया है।

    2 अक्टूबर का बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा महत्व रहा है। इसी दिन 1980 में बिहार सरकार ने प्रदेश के राजकीय विद्यालयों को छोड़ कर सभी प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक विद्यालय का अधिग्रहण किया था।

    तब मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र थे। इसलिए माना जा रहा है कि दुर्गा पूजा से पहले नियोजित शिक्षकों की चिर-प्रतीक्षित मांग को मानते हुए सरकार की ओर से त्योहारों के मौसम में शिक्षकों को जश्न मनाने का मौका मिलेगा।

    स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान से दिया था आश्वासन

    पिछले माह 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐतिहासिक गांधी मैदान में नियोजित शिक्षकों को उनकी मांगों पर आश्वासन दिया था। खास बात यह कि सरकार से नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद उनके वेतनमान बिहार लोक सेवा आयोग से नियुक्त होने वाले शिक्षकों के समतुल्य हो जाएगा।

    माना जा रहा है कि दो विकल्प के आधार पर नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने की संभावना है। पहला यह कि नियोजित शिक्षकों को विभागीय स्तर पर बिना आंतरिक परीक्षा कराए सरकार से राज्यकर्मी का दर्जा मिल जाए।

    दूसरी संभावना यह है कि विभागीय परीक्षा लेकर शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए। वैसे इसको लेकर मुख्यसचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने पहले ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। यदि शिक्षकों को राज्यकर्मी घोषित किया जाता है तो राज्य की करीब नौ हजार नियोजन इकाईयों से बाहर हो जाएंगे और जिला संवर्ग में आ जाएंगे।

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    ये होगा लाभ

    नियोजित शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने पर उनके वेतनमान बिहार लोक सेवा आयोग से नियुक्त होने वाले शिक्षकों के समान होगा। जैसा कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के फैसले के मुताबिक आयोग से नियुक्त होने वाले शिक्षकों को प्रतिमाह 35,064 रुपये से लेकर 51,130 रुपये एकमुश्त वेतनमान तय किया गया है।

    इसके अलावा सरकार पेंशन मद में भी योगदान करेगी। यह राशि अलग होगी।प्राथमिक शिक्षकों को पेंशन सहयोग मद में 3500 रुपये, मध्य स्कूल के शिक्षकों को 3920 रुपये, माध्यमिक शिक्षकों की पेंशन में 4340 रुपये और उच्च माध्यमिक शिक्षकों की पेंशन में सरकार 4480 रुपये देगी।

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