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पटना में BPSC आंदोलन के 'नन्हे प्रदर्शनकारी' ने DGP को सौंपा पत्र, कहा- न्याय नहीं मिला तो करूंगा आंदोलन

Published: Sun, 30 Aug 2026 01:21 PM (IST)

BPSC TRE-4 आंदोलन के दौरान सुर्खियों में आए छह वर्षीय आदित्य कुमार ने बिहार के DGP से मुलाकात कर लाठीचार्ज ...और पढ़ें

HighLights

  1. छह वर्षीय आदित्य ने DGP से मिलकर लाठीचार्ज की न्यायिक जांच मांगी।

  2. BPSC आंदोलन में पुलिस कार्रवाई और कथित दुर्व्यवहार का उल्लेख किया।

  3. न्याय न मिलने पर दोबारा आंदोलन करने की चेतावनी दी आदित्य ने।

डिजिटल डेस्क, पटना। BPSC TRE-4 को लेकर पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान सुर्खियों में आया छह वर्षीय आदित्य कुमार रविवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) से मिलने पुलिस मुख्यालय पहुंचा।

आदित्य अपने माता-पिता और शिवनंदन भारती के साथ कार से सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचा और DGP व‍िनय कुमार को अपनी मांगों से संबंधित आवेदन सौंपा।

आदित्य ने BPSC आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। आवेदन में उसने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और खुद के साथ कथित व्यवहार का भी उल्लेख किया है।

DGP से मिलने के बाद बोला आदित्य- मुझे न्याय की उम्मीद

DGP से मुलाकात के बाद बाहर निकले आदित्य ने कहा कि उसने पुलिस महानिदेशक को अपना पत्र सौंप दिया है। DGP ने उससे कहा कि वह अभी बैठक में जा रहे हैं और बैठक से लौटने के बाद उसके पत्र को पढ़ेंगे।

आदित्य ने कहा कि उसे DGP पर भरोसा है और उम्मीद है कि उसकी मांगों पर कार्रवाई होगी। उसने सवाल उठाते हुए कहा, 'मेरे माता-पिता को मारा गया, क्या वे अपराधी थे?'

आठ घंटे थाने में रखने का लगाया आरोप

आदित्य की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि BPSC आंदोलन के दौरान उसे करीब आठ घंटे तक अवैध तरीके से थाने में रखा गया।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस दौरान उसे अपने माता-पिता से मिलने नहीं दिया गया। आदित्य ने कहा कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह दोबारा आंदोलन करेगा और धरने पर बैठेगा। उसने लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की मांग को लेकर अपनी बात DGP के सामने रखी है।

BPSC आंदोलन के दौरान अचानक चर्चा में आया था आदित्य

BPSC TRE-4 को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान छह वर्षीय आदित्य प्रदर्शनकारियों के बीच नजर आया था। आंदोलन के दौरान उसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद वह अचानक चर्चा में आ गया था। इसके बाद आदित्य ने अपने साथ हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग की थी।

अब उसने सीधे पुलिस मुख्यालय पहुंचकर DGP को आवेदन सौंपा है। आवेदन में लगाए गए आरोपों और लाठीचार्ज की परिस्थितियों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।