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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गंभीर बता ICU में किया भर्ती, दवा देने में बरती लापरवाही; पटना के एक अस्पताल पर इलाज के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप

    By Jitendra KumarEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Mon, 30 Oct 2023 01:46 PM (IST)

    Patna News पटना के एक निजी अस्पताल पर लोगों ने इलाज के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। कहा कि सामान्य रोगी को गंभीर बताकर आइसीयू में भर्ती किया ज ...और पढ़ें

    पटना के एक अस्पताल पर इलाज के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप (फोटो- फ्रीपिक)
    पटना के एक अस्पताल पर इलाज के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप (फोटो- फ्रीपिक)

    HighLights

    1. पैसे वसूलने के लिए सामान्य रोगी को गंभीर बताने का आरोप
    2. 50 हजार रुपये मांगे गए, उन्होंने 30 हजार जमा करा दिए

    जागरण संवाददाता, पटना। कंकड़बाग स्थित एक बड़े निजी अस्पताल के कारनामे से गुस्साए स्वजन ने रविवार को जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि पैसे वसूलने के लिए सामान्य रोगी को गंभीर बताकर आइसीयू में भर्ती किया जाता है।

    इसके बाद दवा देने में लापरवाही की जाती है। हालांकि, बाद में अस्पताल प्रशासन ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करा दिया। किसी भी पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत नहीं की है।

    पेट में दर्द होने पर आइसीयू में किया भर्ती

    नवादा निवासी अनुराग शाही ने बताया कि उनकी 58 वर्षीय मां सुधा देवी के पेट में दर्द था। वे शुक्रवार को कंकड़बाग के एक बड़े निजी अस्पताल की ओपीडी में दिखाने आए थे। डॉक्टरों ने सेंट्रल पाइपलाइन से पोटेशियम नहीं चढ़ाने पर हालत गंभीर होने की बात कहते हुए पहले एचडीयू और बाद में आइसीयू में भर्ती कर दिया।

    50 हजार रुपये मांगे

    इसके लिए 50 हजार रुपये मांगे गए। उन्होंने 30 हजार जमा करा दिए। जब ड्यूटी डॉ. शशिकांत और डॉ. इशिका से बात की तो उन्होंने इमरजेंसी केस और डॉक्टरों की कमी को देरी का कारण बताया। खराब व्यवस्था को लेकर शनिवार को शिकायत की गई थी।

    इसके बाद रविवार को मरीज को सही समय पर भोजन तक नहीं दिया गया। अनुराग का कहना है कि शिकायत की वजह से देखरेख में लगे अस्पताल कर्मी नाराज थे। इससे मरीज को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आवाज उठाने के बाद कोई सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में, हमें अब कानून का सहारा लेना होगा।

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