यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: अगिआंव उप चुनाव में किसकी होगी जीत? यादव और राजपूत बड़े फैक्टर, पर चिराग बिगाड़ देंगे हर खेला!
Bihar News अगिआंव सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर चुनाव आयोग ने विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष की भी चुनौती बढ़ा दी है। महागठबंधन में सीपीआई माले की इस सीट पर ...और पढ़ें

HighLights
- परिसीमन के बाद इस सुरक्षित सीट पर जनता एक बार भाजपा
- जदयू और वामदल को भी मौके दे चुकी अगिआंव की जनता
- राजग ने इस बार जदयू के खाते में सीट जाने की है प्रबल संभवना
राज्य ब्यूरो, पटना।Agiaon Assembly by-election लोकसभा के साथ ही भोजपुर जिला में अगिआंव विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव की घोषणा कर चुनाव आयोग ने विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष की भी चुनौती बढ़ा दी है। महागठबंधन में वामदल की इस सीट पर सत्ता पक्ष की नजर टिक गई है। परिसीमन के बाद से इस सीट पर भाजपा, जदयू एवं वामदल (सीपीआइ) का कब्जा रहा है।
सुरक्षित सीट पर जदयू के प्रभुनाथ प्रसाद को मनोज मंजिल ने 2020 के चुनाव में पटखनी दे दी थी। इससे पहले जदयू के प्रभुनाथ प्रसाद ने भाजपा के शिवेश राम को हराया था। अगिआंव विधानसभा सीट 2008 में परिसीमन के बाद बनी थी। 2010 में पहली बार हुए चुनाव में भाजपा के शिवेश राम जीते थे।
अब तक हुए तीन चुनावों में अलग-अलग पार्टी के उम्मीदवार यहां से जीतते रहे हैं। लेकिन 2020 के चुनाव में लोजपा प्रमुख चिराग पासवान के प्रत्याशी ने जदयू के सुदामा की नींव हिला दी थी। त्रिकोणीय चुनाव होने के कारण मनोज मंजिल ने बाजी मार ली थी। दिलचस्प यह है इस सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में यादव और राजपूत मतदाताओं का दबदबा है।
मनोज मंजिल को आजीवन कारावास
बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में अगिआंव सीट से सीपीआइ माले के मनोज मंजिल चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। लेकिन फरवरी 2024 में अदालत ने मनोज मंजिल को हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा मनोज मंजिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद विधानसभा सदस्यता रद हो गई। अब इस सीट के राजग में वर्तमान गठबंधन के तहत जदयू के खाते में जाने की प्रबल संभवना दिख रही है। उधर, महागठंधन में भी यह संभवना प्रबल है कि इस सीट पर एक फिर सीपीआइ ही प्रत्याशी उतारेगी।
पहली जून को होगा मतदान
अगिआंव विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए पहली जून को मतदान की तारीख आयोग ने घोषित की है। परिणाम जून को आएगा। इस पर नामांकन सात मई से शुरू जाएगी। वहीं, नाम वापसी की अंतिम तिथि 14 मई है। जबकि नामांकन पत्रों की जांच 15 मई को होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 17 मई है। सभी प्रक्रिया चार जून तक पूरी कर ली जाएगी।
नौ साल पहले हुई थी किसान की निर्मम हत्या
अगस्त 2015 में बड़गांव में माले नेता सतीश यादव की हत्या के चंद दिन बाद जेपी सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जेपी सिंह के बेटे ने 23 लोगों के खिलाफ नामजद एफआइआर दर्ज कराई थी। लंबे समय तक चले ट्रायल के बाद कोर्ट ने सभी 23 आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।