नीतीश जा रहे दिल्ली, बिहार में बढ़ी हलचल; कई IAS अधिकारियों को Central Deputation पर भेजने की तैयारी
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बीच बिहार में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। कई वरिष्ठ आईएएस और आईएफएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने की ...और पढ़ें

राज्यसभा जाने की खबरों के बीच अफसरशाही में बड़े बदलाव
HighLights
कई वरिष्ठ IAS/IFS अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारी भी सूची में शामिल।
नीतीश कुमार के संभावित दिल्ली शिफ्ट से जुड़ा घटनाक्रम।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की राजनीति में हो रहे बड़े बदलाव का असर अब प्रशासनिक महकमे में साफ दिखने लगा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही उनके दिल्ली शिफ्ट होना तय है। ऐसे में अफसरशाही में भी बड़े स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया तेज
सूत्रों के मुताबिक, राज्य के कई वरिष्ठ आईएएस और आईएफएस अधिकारियों को सेंट्रल डेपुटेशन पर भेजने की तैयारी तेज हो गई है। इसको लेकर राज्य सरकार स्तर पर सहमति बन चुकी है और प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इन बड़े नामों की चर्चा सबसे ज्यादा
चर्चा में जिन अधिकारियों के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं, उनमें आईएएस अनुपम कुमार, बी. राजेंद्र, आईएफएस गोपाल सिंह और सीनियर आईएएस प्रतिमा एस. वर्मा शामिल हैं। ये सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
CM कार्यालय से जुड़े अफसर भी सूची में
इस सूची की खास बात यह है कि इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं। अनुपम कुमार जहां मुख्यमंत्री के सचिव हैं, वहीं गोपाल सिंह ओएसडी के तौर पर काम कर रहे हैं। इससे इस बदलाव को सियासी रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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केंद्र की मंजूरी औपचारिकता भर
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अब सिर्फ केंद्र सरकार की औपचारिक मंजूरी बाकी है। जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, इन अधिकारियों की तैनाती दिल्ली में हो जाएगी और वे नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
बिहार में बड़े पैमाने पर फेरबदल तय
इन अधिकारियों के दिल्ली जाने के बाद बिहार में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव निश्चित हैं। कई महत्वपूर्ण पद खाली होंगे, जिन पर नए अधिकारियों की नियुक्ति करनी पड़ेगी।
नई राजनीतिक स्थिति के अनुरूप सेट होगा सिस्टम
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद राज्य में नई राजनीतिक व्यवस्था के अनुसार प्रशासनिक ढांचे को भी री-ऑर्गेनाइज किया जा रहा है। इसे सत्ता परिवर्तन के साथ तालमेल बैठाने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
सत्ता बदलाव के साथ प्रशासनिक रीसेट
अब यह साफ है कि बिहार में सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर भी देखने को मिलेगा।