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    पटना की सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमृता सिंह की बड़ी उपलब्धि; सबको छोड़ा पीछे, राष्ट्रपति से मिला गोल्ड मेडल

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 09:21 AM (GMT+05:30)

    बिहटा प्रखंड के विष्णुपुरा गांव की अमृता सिंह ने आंध्र प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी में टॉप कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से स्वर्ण पदक प्राप्त किया। यह ...और पढ़ें

    दीक्षा समारोह में राष्‍ट्रपत‍ि द्रौपदी मुर्मु से गोल्‍ड मेडल प्राप्‍त करतीं अमृता। सौ-स्‍वजन

    दीक्षा समारोह में राष्‍ट्रपत‍ि द्रौपदी मुर्मु से गोल्‍ड मेडल प्राप्‍त करतीं अमृता। सौ-स्‍वजन

    HighLights

    1. अमृता सिंह ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी में किया टॉप।

    2. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वर्ण पदक से किया सम्मानित।

    3. बिहटा की बेटी ने क्षेत्र का नाम किया रोशन।

    संवाद सूत्र, बिहटा। प्रखंड के विष्णुपुरा गांव की बेटी अमृता सिंह ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

    अमृता ने Central University of Andhra Pradesh से आईटी एवं रिटेल मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान पूरे विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर यूनिवर्सिटी टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।

    इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें राष्‍ट्रपत‍ि द्रौपदी मुर्मु के हाथों स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    राष्‍ट्रपत‍ि से सम्‍मानित होने पर गर्व 

    राष्ट्रपति से सम्मान मिलने के बाद अमृता की इस उपलब्धि की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। अमृता के पिता देव कुमार सिंह और माता किरण देवी ने अपनी बेटी की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हैं।

    उन्‍होंने कहा कि यह केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि विष्णुपुरा गांव और पूरे बिहटा क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।

    लोगों ने अमृता के घर पहुंचकर परिवार को बधाई दी और उनकी सफलता को क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया।

    सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं अमृता 

    वर्तमान में अमृता सिंह एक प्रतिष्ठित निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। पढ़ाई के दौरान लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान हासिल किया।

    अब अपने पेशेवर जीवन में भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। अपनी उपलब्धि पर अमृता ने कहा कि इस सफलता का पूरा श्रेय उनके माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और अपने निरंतर कठिन परिश्रम को जाता है।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। यदि दृढ़ संकल्प, लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए तो हर सपना साकार किया जा सकता है।

    अमृता की इस उपलब्धि पर शिक्षकों, शुभचिंतकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।