यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार में कांग्रेस को लगातार दो झटके, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के बाद इस दिग्गज नेता ने भी छोड़ दिया साथ, बताई ये वजह
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को लगातार झटके मिल रहे हैं। बिहार में पूर्व अध्यक्ष के बाद कांग्रेस के एक और दिग्गज नेता ने पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया ...और पढ़ें

HighLights
- उपेक्षा से आहत टुन्नू की भी कांग्रेस को बाय-बाय
- रविवार को बिहार के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने दिया था इस्तीफा
राज्य ब्यूरो, पटना। Lok Sabha Elections बिहार कांग्रेस (Congress Bihar) में सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा। रविवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा (Anil Sharma) के बाद अजय सिंह टुन्नू (Ajay Singh Tunnu) ने भी पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी। वे बिहार कांग्रेस कमेटी (Bihar Congress Committee) के सदस्य थे। प्रेस-विज्ञप्ति जारी कर उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र की घोषणा की।
जहानाबाद के जिला पार्षद रह चुके टुन्नू ने कहा कि पार्टी द्वारा लगातार हो रहे उपेक्षापूर्ण व्यवहार से वे आहत हैं। पार्टी में प्रखंड अध्यक्ष, जहानाबाद जिला की युवा इकाई का अध्यक्ष व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य के रूप में उनके योगदान को पार्टी के जिम्मेदार लोग भूल चुके हैं।
उनकी तरह कई दूसरे नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ भी संगठन में दुर्व्यवहार हो रहा। पार्टी फोरम पर उन्होंने आवाज उठाई तो उपेक्षा के दंश के लिए विवश कर दिया गया। ऐसे मानसिक दबाव में कांग्रेस में कार्य कर पाना संभव नहीं है।
अनिल शर्मा ने भी कांग्रेस से अपना नाता तोड़ लिया
गौरतलब है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कांग्रेस से अपना नाता तोड़ लिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को त्यागपत्र भेजने के बाद रविवार को प्रेस-वार्ता कर उन्होंने इसकी घोषणा की।
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पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की आवक और राजद के साथ गठबंधन को इसका कारण बताया। कांग्रेस से 39 वर्षों का उनका साथ था।
उनके अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस बिहार में 2009 का लोकसभा और 2010 का विधानसभा चुनाव अकेले बूते लड़ी थी।बिहार में पार्टी की नीति-रणनीति से अनिल शर्मा क्षुब्ध थे।
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