25 जुलाई से लग जाएगा चातुर्मास, थम जाएंगे सभी मांगलिक कार्य; देखें प्रमुख व्रत-त्योहारों की लिस्ट
सनातन धर्म में आषाढ़ मास का विशेष महत्व है, जो 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा और इस दौरान भक्ति व सद्कर्म पर जोर दिया जाता है। 25 जुलाई को हरिशयन एकादशी ...और पढ़ें

25 जुलाई से लग जाएगा चातुर्मास, थम जाएंगे सभी मांगलिक कार्य

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जागरण संवाददाता, पटना। सनातन धर्म में आषाढ़ मास का विशेष महत्व है। मास में वर्षा की बूंदें धरती को नया जीवन देती हैं। उसी प्रकार माह में भक्ति, साधना और सद्कर्म हमारे जीवन को पवित्र और सार्थक बनाते हैं।
ज्योतिष आचार्य पंडित राकेश झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा में 30 जून मंगलवार से आरंभ हो गया, जो 29 जुलाई बुधवार तक रहेगा।
आषाढ़ शुक्ल हरिशयन एकादशी 25 जुलाई को भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाएंगे। इसके साथ चातुर्मास आरंभ हो जाएगा।
चातुर्मास के दौरान मांगलिक कार्य शादी-विवाह, मुंडन समेत शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। चातुर्मास के दौरान साधु-संत एक स्थान पर रहकर तप, ध्यान आदि कार्य करते हैं।
यह माह मन, वचन व कर्म की शुद्धि का मास है। इस मास में जप, तप, ध्यान, सत्संग, स्वाध्याय और दान का विशेष महत्व होता है।
भगवान विष्णु, शिव एवं अपने आराध्य देव की उपासना करने से आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति प्राप्त होती है। वर्षा के आगमन के साथ किसान खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बुआई प्रारंभ करते हैं।
माह के प्रमुख पर्व:
- आठ जुलाई : शीतला अष्टमी
- 10 जुलाई : योगिनी एकादशी
- 14 जुलाई : भौमवती अमावस्या
- 15 जुलाई : गुप्त नवरात्रि आरंभ
- 16 जुलाई : भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा
- 25 जुलाई : हरिशयन एकादशी
- 29 जुलाई : गुरु पूर्णिमा