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तीन दिन बंद रहेंगे बैंक, हड़ताल पर बैंककर्मी; मांगें नहीं मानीं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन

Published: Fri, 11 Sep 2026 01:38 PM (IST)

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर पटना सहित राज्यभर में बैंक कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था सहित लंबित ...और पढ़ें

मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते बैंककर्मी। जागरण

मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते बैंककर्मी। जागरण

HighLights

  1. बैंक यूनियनों की पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग।

  2. पटना सहित राज्यभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं।

  3. 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, पटना। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंक कर्मचारी और अधिकारी शुक्रवार को एकदिवसीय हड़ताल पर रहे।

पटना सहित राज्यभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। इस दौरान बैंककर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन और जमकर नारेबाजी की।

पटना में एसपी वर्मा गोलंबर के पास बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की गई।

बैंक यूनियनों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

Bank Strike 1

तीन दिन बंद रहेंगे बैंक

शुक्रवार को हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। ऐसे में बैंक लगातार तीन दिनों तक बंद रहेंगे।

हालांकि डिजिटल बैंकिंग और एटीएम जैसी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, लेकिन शाखाओं से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं।यूनियनों का कहना है कि सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से मांगों पर अपेक्षित पहल नहीं होने के कारण हड़ताल का निर्णय लिया गया है।

मुख्य श्रम आयुक्त और उप मुख्य श्रम आयुक्त की पहल पर 8 और 9 सितंबर को सुलह बैठक भी हुई, लेकिन इसमें सहमति नहीं बन सकी।

2015 से लंबित है पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग

आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन के वरीय उपाध्यक्ष अमरेश विक्रमादित्य ने बताया कि मई 2015 में भारतीय बैंक संघ (आइबीए) और बैंक प्रबंधन के बीच हुए समझौते में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया था। साथ ही अन्य शनिवारों को भी अवकाश देने की दिशा में प्रयास करने पर सहमति बनी थी।

नवंबर 2020 के समझौते में भी इस मुद्दे के समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद मार्च 2024 के वेतन समझौते में शेष शनिवार को अवकाश देने पर सहमति बनी। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर यूनियनों ने सहमति जताई थी।

यूनियन नेताओं के अनुसार, इस प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा गया, लेकिन अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। इसी को लेकर बैंक कर्मचारी और अधिकारी नाराज हैं।

कई संस्थानों में लागू है पांच दिन कार्यप्रणाली

बैंक यूनियनों का तर्क है कि केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालयों के अलावा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ), एलआइसी, जीआइसी, नाबार्ड और कई निजी संस्थानों में पांच दिन कार्यप्रणाली लागू है। उनका कहना है कि बैंकों में भी पांच दिन की व्यवस्था लागू होने से ग्राहकों के बैंकिंग समय में कमी नहीं आएगी।

यूनियनों के मुताबिक, सोमवार से शुक्रवार तक अतिरिक्त कार्य समय के माध्यम से शनिवार के कार्यदिवस की भरपाई की जा सकती है। इसलिए शेष शनिवार को अवकाश घोषित कर पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

यूएफबीयू ने मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। बैंक यूनियनों का कहना है कि सरकार और बैंक प्रबंधन के स्तर पर ठोस समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।