यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Begusarai News: बेगूसराय की माटी से आए सांसदों का रहा है दबदबा, इन प्रधानमंत्रियों ने दी अपनी कैबिनेट में जगह
Bihar Politics चौथे चरण के तहत बिहार के जिन पांच लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होना है उनमें बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र की खासियत इस मायने में है कि वहां के ...और पढ़ें

HighLights
- बेगूसराय के सासंदों की राज्य की राजनीति में भी रही दमदार उपस्थिति
- बेगूसराय की माटी से आए सांसदों को नेहरू से लेकर मोदी तक ने दी अपनी कैबिनेट में जगह
भुवनेश्वर वात्स्यायन, पटना। Bihar Politics News Hindi: चौथे चरण के तहत बिहार के जिन पांच लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होना है उनमें बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र की खासियत इस मायने में है कि वहां के लोगों ने जिन्हें सांसद चुना उन्हें पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक के मंत्रिमंडल में जगह मिली।
चौधरी चरण सिंह, राजीव गांधी व पीवी नरसिंह राव ने भी अपने मंत्रिमंडल में बेगूसराय को जगह दी। इसके अलावा बेगूसराय के लोगों ने ऐसे लोगों को भी अपना सांसद चुना है, जो अपने जमाने में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य तो रहे ही साथ में प्रदेश की राजनीति में उनकी दमदार उपस्थिति रही।
दो बार बेगूसराय से चुने गए श्यामनंदन मिश्र विदेश मंत्री भी रहे
बेगूसराय से दो बार सांसद चुने गए श्यानंदन मिश्र जुलाई 1979 से 1980 तक केंद्र में विदेश मंत्री रहे। तब चरण सिंह प्रधानमंत्री थे। उसके पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू ने श्यामनंदन मिश्र को 1951-52 में अपना संसदीय सचिव बनाया था। वर्ष 1957 में उन्होंने केंद्र में योजना विभाग के उप मंत्री का काम भी संभाला।
श्यामनंदन मिश्र के बाद सांसद बनीं कृष्णा शाही भी केंद्र में मंत्री बनीं
श्यामनंदन मिश्र के बाद कांग्रेस के टिकट पर कृष्णा शाही बेगूसराय की सांसद बनी थीं। वर्ष 1991 में भी वह जीतीं थीं। राजीव गांधी जिस समय प्रधानमंत्री थे उस समय वह केंद्र में मानव संसाधन विकास तथा जल संसाधन मंत्री थीं। इसके बाद पीवी नरसिंह राव के कार्यकाल में वह उद्योग, भारी उद्योग व सिविल सप्लाई व कंज्यूमर्स अफेयर्स विभाग की मंत्री रहीं।
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कृष्णा शाही के बाद सांसद बने ललित विजय सिंह भी केंद्र में मंत्री बने
कृष्णा शाही के बाद जनता दल के टिकट पर ललित विजय सिंह बेगूसराय के सांसद बने। वह प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के कैबिनेट में रक्षा राज्य मंत्री थे।
रमेंद्र कुमार एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे
वर्ष 1991 में कांग्रेस की कृष्णा शाही के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 1996 में रमेंद्र कुमार बेगूसराय के सांसद बने। वह सीपीआइ के नेता थे और श्रमिक आंदोलन के बड़े नेता के रूप में शुमार थे। वह एटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे।
राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य रहे बड़े चेहरे भी लगातार जीतते रहे
राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य रहे बड़े चेहरे भी बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र से लगातार जीतते रहे। बिहार की राजनीति में बड़ी हैसियत रखने वाले राजो सिंह यहां से रमेंद्र कुमार के बाद कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने। राजो सिंह के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को बेगूसराय का सांसद बनने का मौका मिला।
उनके बाद राज्य मंत्रिमंडल में भवन निर्माण मंत्री मोनाजिर हसन यहां से जदयू के टिकट पर सांसद चुने गए। बाद में नगर विकास मंत्री रहे भोला सिंह ने यहां से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता।
नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री रहे गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्रिमंडल में बेगूसराय का प्रतिनिधित्व यहां से 2019 में चुने गए गिरिराज सिंह के माध्यम से भी हुआ। इस बार भी भाजपा ने उन्हें बेगूसराय से मैदान में उतारा है।