Raksha Bandhan Muhurat 2026: भद्रा से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन, सावन पूर्णिमा पर पूरे दिन बंधेगी राखी
सावन शुक्ल पूर्णिमा पर इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व भद्रा रहित उदय कालिक पूर्णिमा में पूरे दिन मनाया जाएगा, जिससे बहनें भाइयों को दिनभर राखी बांध सकेंगी।

भद्रा से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन, सावन पूर्णिमा पर पूरे दिन बंधेगी राखी (AI Generated Image)
HighLights
भद्रा रहित उदय कालिक पूर्णिमा में पूरे दिन रक्षाबंधन।
चंद्रग्रहण भारत में अदृश्य, सूतक नहीं होगा मान्य।
शुभ संयोग में भाई-बहन के प्रेम का पर्व।
जागरण संवाददाता, पटना। सावन शुक्ल पूर्णिमा में आज रक्षाबंधन का पर्व भद्रा रहित उदय कालिक पूर्णिमा में पूरे दिन मनेगा। बहनें पूरे दिन भाईयों को राखी बांध सकेंग। रक्षाबंधन को लेकर शहर के विभिन्न चौक-चौराहे पर देर रात तक राखियों और मिठाई की खरीदारी होते रही।
भाई की कलाई में राखी के धागे बांध जहां बहन उसके दीर्घायु, स्वास्थ्य, सुख, सौमनस्य की कामना करती है, वहीं भाई भी बहन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होता है। राखी की डोर भाई-बहन के प्रेम को मजबूत बनाती है।
शुभ संयोग में पूरे दिन बंधेगी राखी:
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि सावन शुक्ल पूर्णिमा शुक्रवार की सुबह 09:27 बजे तक ही पूर्णिमा तिथि रहेगी। उदया तिथि में पूर्णिमा होने के कारण पूरे दिन मान होगा। रक्षाबंधन पर शतभिषा नक्षत्र विद्यमान रहेगा। भद्रा मुक्त राखी बांधने से सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है।
पूर्णिमा तिथि को चंद्रमा की पूर्णता का प्रतीक माना गया है। इस दिन सूर्य सिंह राशि में, गुरु कर्क राशि में तथा शनि मीन राशि में विद्यमान रहेंगे।
गुरु की स्थिति को ज्ञान, संस्कार व पारिवारिक मार्गदर्शन का प्रतीक है। बहनें आरती की थाली में रोली चंदन, अक्षत, फूल, मिठाई, घी के दीपक एवं राखी रखकर भाईयों काक तिलक लगा कर राखी बांधेगी। राखी बंधवाने के बाद भाई उनको यथोचित उपहार देकर आजीवन उसकी रक्षा का संकल्प लेंगे।
देवताओं को भी बांधी जाएगी राखी
सावन पूर्णिमा पर सनातन धर्मावलंबी अपने आराध्य देवताओं को भी राखी बांधेंगे। वे शास्त्रीय विधान से निर्मित एवं कलात्मक राखी को अपने इष्टदेव, कुलदेवता के साथ शिव, गणेश, बजरंगबली, राम एवं लड्डू गोपाल को भी चंदन लगाकर मंत्रोच्चार करते हुए राखी बांधेंगे। मिष्ठान व पकवान का भोग लगाकर घी के दीपक से आरती कर आशीष प्राप्त करेंगे।
चंद्रग्रहण से मुक्त होगा रक्षाबंधन, न लगेगी सूतक
सावन शुक्ल पूर्णिमा पर शुक्रवार की सुबह 08:04 बजे से 11:22 बजे तक खंडग्रास चंद्रग्रहण लग रहा है। चंद्रग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले ही शुरू हो जाता है। यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
इसके कारण सूतक भी मान्य नहीं होगा। ग्रहण को अंटार्कटिका, अफ्रीका, एशिया, यूरोप, इिंद महासागर, अटलांटिक महासागर व प्रशांत महासागर में देखा जाएगा।
राशि के अनुसार बांधे राखी
- मेष: लाल, केसरिया या पीले रंग की राखी
- वृष: नीले रंग या चांदी की राखी
- मिथुन: हरे रंग की राखी
- कर्क: सफेद धागे या मोती से निर्मित राखी
- सिंह: गुलाबी, लाल या केसरिया रंग की राखी
- कन्या: सफेद या हरे रंग की राखी
- तुला: फिरोजी या जमुनी रंग की राखी
- वृश्चिक: लाल रंग की राखी
- धनु: पीले रंग की राखी
- मकर: गहरे लाल रंग की राखी
- कुंभ: रुद्राक्ष से निर्मित राखी
- मीन: पीले या सफेद रंग की राखी
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
- पूर्णिमा तिथि: सुबह 09:27 बजे तक
- चर-लाभ-अमृत मुहूर्त: प्रातः 05:29 बजे से 10:15 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:25 बजे से 12:16 बजे तक
- विशिष्ट शुभ मुहूर्त: दोपहर 11:51 बजे से 01:26 बजे तक
