यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: 4 मई को होने जा रही बिहार महागठबंधन की बड़ी बैठक, अब इन मुद्दों पर होगा RJD-Congress का फोकस
बिहार महागठबंधन अब चुनावी घोषणा पत्र को अंतिम रूप देने और मैदान में विरोधियों को घेरने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके लिए 4 मई को एक महत्वपूर्ण बैठ ...और पढ़ें

HighLights
- 4 मई को महागठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक
- घोषणा पत्र पर सहयोगी दलों से संवाद
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दिन धीरे-धीरे नजदीक आ रहे हैं। इसके साथ ही तमाम दल अपनी तैयारियों को मुकम्मल रूप देने में जुट गए हैं।
आइएनडीआइए गठबंधन भी आगे बढ़ते हुए अपनी तैयारियों को चुनाव घोषणा के पूर्व अंतिम रूप देने में जुटा है। इस गठबंधन की अब तक तीन बैठकें हुई हैं।
जिसमें कई मुद्दों पर गठबंधन के सहयोगी दलों ने अपनी सहमति बना ली है। परंतु संयुक्त चुनावी घोषणा पत्र और मुद्दे जिन पर चुनाव लड़ा जाना है वे अब तक तय नहीं हैं।
जिसे देखते हुए आइएनडीआए के सहयोगी दलों ने आपसी सहमति से चार मई को एक बैठक बुलाई है। प्रस्तावित बैठक में राजद-कांग्रेस के साथ ही तीनों वाम दल और विकासशील इंसान पार्टी के तमाम जिलाध्यक्ष, महासचिव के साथ ही इनके विधायक, विधान पार्षद व सांसदों को आमंत्रित किया गया है।
24 अप्रैल को हुई थी बैठक
बैठक की अध्यक्षता महागठबंधन कार्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष तेजस्वी यादव स्वयं करेंगे। सूत्रों के अनुसार बैठक में कार्डिनेशन कमेटी के सहयोग के लिए चार अन्य उप कमेटियों का गठन भी होगा।
जिस पर 24 अप्रैल की बैठक में करीब-करीब सहमति बनाई जा चुकी है। कांग्रेस ने तो उप कमेटियों में सदस्य पद के लिए नेताओं के नाम भी कार्डिनेशन कमेटी अध्यक्ष को सौंप दिए हैं।
कांग्रेस से मिली जानकारी के अनुसार आगामी बैठक में सबसे पहले चुनावी घोषणा पत्र पर सहयोगी दलों के साथ संवाद होगा।
जिन मुद्दों को घोषणा में शामिल किए जाने की संभावना दलों की ओर से जताई जा रही है उनमें सरकारी महकमों में नौकरी, रोजगार के साधन, गरीबों के लिए पक्का घर, महिला वर्ग के लिए माई-बहन मान योजना, सरकार गठन पर नागरिकों को दो सौ यूनिट मुफ्त बिजली, विधि-व्यवस्था की स्थिति पर नियंत्रण, खेतों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त बिजली आपूर्ति, खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई खेल नीति जैसे अनेक मुद्दे हैं।
इंटरनेट मीडिया पर भी सरकार की घेराबंदी की योजना बनेगी
इसके अलावा बैठक में चुनाव मैदान के साथ इंटरनेट मीडिया पर भी सरकार की घेराबंदी की योजना बनेगी।
प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ ही वेब पोर्टल मीडिया पर सरकार को घेरने के लिए सरकार की नीतियों को आधार बनाया जाएगा।
सूत्रों की माने तो जिन योजनाओं की घोषणा एनडीए सरकार के कार्यकाल में हुई उनका आकलन कर जनता को उनकी असलियत से भी अवगत कराने की योजना है।
विधि-व्यवस्था, बढ़ती महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य में गिरावट के साथ ही विशेष राज्य के दर्जे के मुद्दे पर भी सरकार की घेराबंदी की योजना पर बैठक में मुहर लगाई जाएगी।
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