यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Patna Airport Terminal: पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल पर आया बड़ा अपडेट, सिर्फ 30 प्रतिशत काम बाकी
पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल को मार्च में लोकार्पित किया जाएगा जिससे यात्रियों की क्षमता 4500 तक बढ़ जाएगी। नए टर्मिनल के तैयार होने में अभी 30 प्रतिशत ...और पढ़ें

HighLights
- 1216 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा टर्मिनल भवन
- पांच एयरोब्रिज और 52 चेक-इन काउंटर बनाए जाएंगे
जागरण संवाददाता, पटना। पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल (Patna Airport New Terminal) भवन का शुभारंभ जल्द होगा। पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन को मार्च में लोकार्पित करने के लिए इलेक्ट्रिक कार्य जोरों पर चल रहा है। हालांकि, अब भी 30 प्रतिशत कार्य बाकी है।
1216 करोड़ रुपये की लागत से यह टर्मिनल भवन बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त टर्मिनल बिल्डिंग के शुभारंभ के लिए अनुरोध किया जाएगा।
अभी सेंट्रलाइज्ड एसी (एयर कंडीशनर) की टेस्टिंग चल रही है। छोटी-मोटी खामियों को दूर करने में अभियंताओं की टीम लगी है। लोकार्पण के बाद भी नए टर्मिनल से परिचालन शुरू करने में एक महीना और लग सकता है।
इसके बाद एयरोब्रिज और पार्किंग बे का निर्माण किया जाएगा। इनका निर्माण पुराने भवन को तोड़ने के बाद शुरू होगा। वर्तमान के चार पार्किंग बे को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा रहा है।
वॉल पुट्टी के बाद दीवारों पर होगी पेंटिंग
ढांचा तैयार करने के बाद वायरिंग का काम शुरू किया गया था, जिसे लगभग पूरा कर लिया गया है। दीवारों के प्लास्टर पर वॉल पुट्टी का काम अभी जारी है। इसके बाद दीवारों को मधुबनी पेंटिंग समेत अन्य तरह की चित्रकारी की जाएगी।
कुछ हिस्सों में पेंटिंग भी शुरू कर दी गई है। लोहे के बाद अभी लकड़ी लगाने का भी काम चालू है। 60 प्रतिशत हिस्से में पुट्टी हो चुकी है, जिसे 10 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य लिया गया है। स्थानीय प्रबंधन के अलावा एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी भी योजना की निगरानी व कार्याें का अनुश्रवण कर रहे हैं।
पार्किंग एरिया बनने के बाद फ्लाइटों की बढ़ेगी संख्या
पार्किंग बे बनाने के लिए पुराना टर्मिनल भवन तोड़ना पड़ेगा। इसके बाद एक साथ 14 विमान खड़े हो सकते हैं। साथ ही एयरोब्रिज भी बनाए जाएंगे। इसके बाद ही डीजीसीए विमानों की संख्या बढ़ाने की अनुमति दे सकता है।
खबरें और भी
पांच अन्य राज्यों समेत अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा की शुरुआत भी इसके बाद भी होगी। ऐसे में एक वर्ष से अधिक समय तक यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। एक साथ 4,500 यात्रियों के आवागमन की व्यवस्था होगी।