यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Teachers News: शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर आ गया बड़ा अपडेट! एक क्लिक में पढ़िए पूरी डिटेल
Bihar Teachers Transfer Posting बिहार में सरकारी शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए नई नीति पर अंतिम मुहर जल्द लगेगी। इसमें 40 साल से कम उम्र के पुर ...और पढ़ें

HighLights
- विद्यालयों को भौगोलिक आधार पर पांच श्रेणी में बांटे गए
- बीमारी और उम्र के आधार पर होंगे शिक्षकों के पदस्थापन
दीनानाथ साहनी, पटना। Bihar Teachers Transfer Posting राज्य के सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के स्थानातंरण और पदस्थापन के लिए नई नीति का मसौदा (ड्राफ्ट) पर अंतिम मुहर जल्द लगेगी। प्रस्तावित नीति में 40 वर्ष से कम उम्र के पुरुष शिक्षकों की तैनाती सुदूरवर्ती इलाकों के विद्यालयों में किए जाने का प्रविधान किया गया है।
हालांकि, इसमें असाध्य रोग से पीड़ित, दिव्यांग एवं दंपत्ति शिक्षकों को पदस्थापन में राहत दी जाएगी। शिक्षा विभाग की कमेटी द्वारा मसौदे काे अंतिम रूप दिया जा रहा है और अगले सप्ताह तक सरकार को रिपोर्ट सौंपे जाने की उम्मीद है। इसके बाद सरकार के स्तर से रिपोर्ट की समीक्षा के उपरांत उसे स्वीकृति मिलेगी।
भौगोलिक आधार पर पांच श्रेणी में बांटा गया विद्यालय
शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक, प्रस्तावित नीति में शिक्षकों के स्थानातंरण और पदस्थापन के लिए विद्यालयों को भौगोलिक आधार पर पांच श्रेणी में बांटा गया है:
- पहाड़ी इलाकों के विद्यालय, नदियों के पार वाले विद्यालय, अद्धसरकारी इलाकों के विद्यालय, शहरी इलाकों के विद्यालय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय। इन पांच श्रेणी के विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती बीमारी और उम्र के आधार पर करने की तैयारी चल रही है।
- जिन पुरुष शिक्षकों की उम्र 40 वर्ष से कम होगी, उनकी तैनाती सुदूरवर्ती इलाकों के विद्यालयों में करने का प्रस्ताव है। पदस्थापन में असाध्य रोग से पीड़ित शिक्षकों तथा शिक्षक दंपत्ति को राहत देने का प्रविधान किया गया है। दिव्यांग और महिला शिक्षकों को भी उनकी सुविधा हेतु पदस्थापन में राहत देने का प्रविधान है।
अवकाश तालिका के लिए भी तय होगी नीति
शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन के आधार पर नियुक्ति एवं सरकारी विद्यालयों की अवकाश तालिका के निर्धारण की नीति भी तय की जा रही है। अनुकंपा के आधार पर होने वाली नियुक्तियोंं के लिए भी नीति तैयार हो रही है। इससे लाभान्वित होने वाले अभ्यर्थी को उनके सेवा काल में तीन प्रोन्नति का लाभ मिलेगा। पहली बार बिहार शिक्षा सेवा (प्रशासन उप संवर्ग) के कैडर का पुनर्गठन करने संबंधी नीति का भी प्रविधान किया गया है।
पूरे मसौदे का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि शिक्षा सचिव बैद्यनाथ यादव की अध्यक्षता वाली कमेटी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के चार अफसर सदस्य हैं। इनमें बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक, प्राथमिक शिक्षा निदेशक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक शामिल हैं जिन्हें सरकार ने शिक्षकों के स्थानातंरण व पदस्थापन के लिए एक समेकित नीति निर्धारण करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
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इन शिक्षकों को मिलेगा लाभ
प्रस्तावित नीति से सभी चार कोटि के शिक्षकों को लाभ मिलेगा। इसमें पहली कोटि में पुराने वेतनमान वाले सहायक शिक्षक हैं। इनमें 34 हजार 540 कोटि के शिक्षक भी हैं।
दूसरी कोटि नियोजित शिक्षकों की है। तीसरी कोटि में बिहार लोक सेवा आयोग की लिखित परीक्षा पर नियुक्त विद्यालय अध्यापक हैं और सक्षमता परीक्षा पास कर चुके शिक्षक चौथी कोटि के हैं।
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