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    बिहार के चार स्मार्ट शहरों में यातायात पुलिस की बड़ी बहाली, हर साल 31 करोड़ से ज्यादा खर्च करेगी सरकार

    Updated: Sat, 16 May 2026 08:28 PM (GMT+05:30)

    बिहार सरकार ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ और गया में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 485 नए यातायात पुलिस पदों को मंजूरी दी है। इस कदम से शहरों मे ...और पढ़ें

    यातायात पुलिस बल बढ़ाने का फैसला

    यातायात पुलिस बल बढ़ाने का फैसला

    HighLights

    1. चार शहरों में 485 नए यातायात पुलिस पद स्वीकृत।

    2. यातायात नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में सुधार का लक्ष्य।

    3. सरकार सालाना 31.85 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने राज्य के चार बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस बल बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ और गया में यातायात पुलिस के 485 नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है।

    वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे शहरों में ट्रैफिक नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बेहतर होगी।

    स्मार्ट सिटी और पर्यटन शहरों पर सरकार का फोकस

    भागलपुर, मुजफ्फरपुर और बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी के रूप में तेजी से विकसित हो रहे हैं। वहीं गया में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    इसी वजह से इन शहरों में लगातार बढ़ते वाहनों और ट्रैफिक दबाव को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत महसूस की जा रही थी।

    2091 पदों की बताई गई जरूरत

    सरकार के अनुसार पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) के वर्ष 2015 के मानकों के आधार पर इन चारों शहरों में कुल 2091 पदों की आवश्यकता तय की गई है।

    इनमें पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस निरीक्षक, अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक, हवलदार और सिपाही स्तर के पद शामिल हैं।

    1606 पुराने पदों से होगा समायोजन

    कुल आवश्यक पदों में से 1606 पद पहले से स्वीकृत पदों के जरिए समायोजित किए जाएंगे।

    वहीं 485 नए पद अलग से सृजित किए जाएंगे। इनमें पुलिस निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक और हवलदार स्तर के पद प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    हर साल 31 करोड़ से ज्यादा खर्च करेगी सरकार

    नए पदों के सृजन पर बिहार सरकार को हर वर्ष करीब 31.85 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।

    यह राशि पुलिस विभाग के बजट से वहन की जाएगी। सरकार ने इसे शहरी यातायात सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

    ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की तैयारी

    सरकार का कहना है कि नए पुलिसकर्मियों की नियुक्ति से ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

    इसके साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और पर्यटन गतिविधियों को भी बेहतर यातायात व्यवस्था का फायदा मिलेगा।