यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Monsoon Session: 'सब्जियों को हिंदू-मुस्लिम में बांटा जा रहा', बिहार विधानसभा में पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस
बिहार विधानसभा का मानसून सत्र आज से शूरू हो गया। सत्र के पहले दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। यूपी के नेम प्लेट वाले विवाद ...और पढ़ें

HighLights
- कांवड़ पथ की दुकानों पर नेम प्लेट लगाने का समर्थन भी विरोध भी
- भाजपा ने कहा- सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया कदम
- जदयू विधायक जमा खान ने भी फैसले का स्वागत किया
राज्य ब्यूरो, पटना। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कांवड़ियां पथ पर दुकानों के सामने 'नेम प्लेट' लगाने का मामला बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले का कहीं विरोध हो रहा तो कहीं समर्थन भी।
सोमवार से प्रारंभ हुए बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में भी इसका असर दिखा। एक ओर भाजपा के विधायकों के साथ ही जदयू सदस्य जमा खान तक ने योगी सरकार के फैसले का समर्थन किया तो कांग्रेस ने इसके खिलाफ सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
भाजपा ने किया फैसले का समर्थन
सोमवार को विधानसभा में विधायी कार्य प्रारंभ होने के पूर्व भाजपा सदस्य और मंत्री प्रेम कुमार, नीरज कुमार के साथ ही रामसूरत राय ने कांवड़ियां पथ की दुकानों पर 'नेम प्लेट' लगाने का समर्थन किया और कहा कि योगी सरकार का यह फैसला सराहनीय है। कांवड़ियां पथ से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को ज्ञात होना चाहिए कि वे राम के यहां भोजन खा रहे हैं या रहीम के यहां। सुरक्षा के लिहाज से भी यह निर्णय सराहनीय है।
जमा खान ने बताया उचित कदम
महत्वपूर्ण यह है कि एक ओर सरकार में शामिल जदयू योगी सरकार के इस फैसले का विरोध कर रही है, लेकिन जदयू नेता जमा खान इसे उचित कदम बता रहे हैं।
कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने इस फैसले का जोरदार विरोध किया। कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता शकील अहमद खां इस फैसले के विरोध में अपने गले में सब्जियों की माला पहन कर आए।
उन्होंने कहा भाजपा की नीतियां देश के लिए खतरनाक हैं। ये लोग अब सब्जियों को भी हिंदू-मुस्लिम का जामा पहनाने में लगे हैं। सब्जियों को रंग के आधार पर हिंदू-मुस्लिम में बांटा जा रहा है। कांग्रेस ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं कर सकती है। यह फैसला जन विरोधी है। उनके साथ ही कांग्रेस सदस्य राजेश कुमार और नीतू सिंह ने भी इस फैसले का विरोध किया है।