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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Assembly Winter Session: सत्र छोटा रखने पर भड़के विजय सिन्हा, नीतीश सरकार पर लगाए ये आरोप

    By Raman ShuklaEdited By: Prateek Jain
    Updated: Thu, 19 Oct 2023 09:33 PM (IST)

    Bihar Assembly Winter Session 2023 भाजपा विधानमंडल दल के नेता विजय सिन्हा ने सरकार पर जनहित के मुद्दों को रोकने के लिए षडयंत्र के तहत शीतकालीन सत्र छो ...और पढ़ें

    विजय सिन्हा ने कहा कि शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों के नहीं पूछे जा सकेंगे प्रश्न। (फाइल फोटो)
    विजय सिन्हा ने कहा कि शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों के नहीं पूछे जा सकेंगे प्रश्न। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 'गृह, सामान्य प्रशासन-मंत्रिमंडल सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों से प्रश्न नहीं लिए जाएंगे'
    2. 21 से 24 अक्टूबर तक विधानमंडल कार्यालय रहेगा बंद

    राज्य ब्यूरो ,पटना। भाजपा विधानमंडल दल के नेता विजय सिन्हा ने सरकार पर जनहित के मुद्दों को रोकने के लिए षडयंत्र के तहत शीतकालीन सत्र छोटा रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने गुरुवार को जारी बयान में कहा है कि विधानमंडल का सत्र छह से 10 नवंबर तक के लिए तय किया गया है।

    अब इस पांच दिवसीय शीत सत्र का दुखद पक्ष यह है कि विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास जिन विभागों की जिम्मेदारी उनसे संबंधित प्रश्न नहीं पूछ सकेंगे। गृह, सामान्य प्रशासन एवं मंत्रिमंडल सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों से प्रश्न नहीं लिए जाएंगे।

    यही नहीं, शीत सत्र का कार्यक्रम 17 अक्टूबर की शाम में जारी किया गया है। इसके बाद 21 से 24 अक्टूबर तक विधानमंडल कार्यालय बंद रहेगा। ऐसे में सिर्फ एक दिन ही 25 अक्टूबर को ही तीन बजे प्रश्न लिए जाएंगे।

    परीक्षा के बाद भी खाली रह गए 47000 शिक्षक के पद : सुशील मोदी

    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की शिक्षा को इतना बर्बाद कर दिया कि अब राज्य को योग्य शिक्षक नहीं मिल रहे हैं।

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    बिहार लोकसेवा आयोग ने 1.70 लाख शिक्षकों की नियुक्ति-परीक्षा के जो परिणाम जारी किए , उसमें मात्र 1 लाख 22 हजार 324 अभ्यर्थी सफल हुए। इन सबकी नियुक्ति के बाद भी 47,676 शिक्षकों के पद खाली रह जाएंगे। उच्च माध्यमिक स्तर के 16 विषयों में सिर्फ 25.48 प्रतिशत उत्तीर्ण हुए।

    मोदी ने कहा कि बिहार में 17 साल से नीतीशे कुमार हैं, लेकिन स्कूली शिक्षा में बहार नहीं है। शिक्षा विभाग 2021 तक जदयू कोटे के मंत्रियों के पास ही रहा और बिहार सामूहिक नकल, पेपर लीक से लेकर शिक्षकों पर अत्याचार की खबरों से बदनाम होता रहा।

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