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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar: आखिरी दिन भी हंगामेदार रहा विधानसभा का सत्र, सदन के अंदर स्मार्ट प्रीपेड मीटर तो बाहर रोजगार पर छिड़ी बहस

    Updated: Fri, 29 Nov 2024 03:35 PM (IST)

    बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मसला उठाया जिस पर व ...और पढ़ें

    बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन भी जोरदार हंगामा
    बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन भी जोरदार हंगामा

    HighLights

    1. बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन जमकर हंगामा
    2. विधायक अजीत शर्मा ने उठाया स्मार्ट प्रीपेड मीटर का मुद्दा

    राज्य ब्यूरो, पटना। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सदन के अंदर और बाहर सरकार की नीतियों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। स्मार्ट प्रीपेड मीटर के सवाल पर विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान ख्रूब हंगामा हुआ। वहीं सदन के बाहर राजद ने युवाओं को नौकरी देने में तेजस्वी को अव्वल बताया और कहा कि नौकरी मतलब तेजस्वी यादव, तेजस्वी यादव मतलब नौकरी। वहीं वाम दलों के नेताओं ने जमीन सर्वे का विरोध किया और सर्वे रोक भूमिहीनों को जमीन देने की मांग उठाई।

    सदन के बाहर प्रदर्शन

    बिहार विधान मंडल के अंतिम दिन सदन में नियमित दिनों की तरह गतिविधियां संचालित होनी थी, लेकिन इसके पूर्व अन्य दिनों की भांति ही आज भी विपक्ष सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले रहा। सदन में विधायी कार्य शुरू होने के पूर्व राजद समेत अन्य दलों ने सरकार के खिलाफ सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। राजद सदस्य सुबह से ही विधानसभा पोर्टिकों में इकट्ठा हो गए और बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सभी को समान अवसर देने की मांग उठाई। वहीं राजद नेताओं ने नारे बुलंद किये तेजस्वी है तो नौकरी है। इन नेताओं ने दावा किया कि तेजस्वी के सरकार में रहने के दौरान सर्वाधिक नौकरियां दी गई।

    भूमि सर्वे का विरोध

    नेताओं ने कहा कि बिहार के युवा नौकरी रोजगार के लिए तेजस्वी यादव की ओर देख रहा है। वहीं दूसरी ओर वाम दल के नेताओं ने राज्य सरकार द्वारा कराए जा रहे हैं भूमि सर्वे का विरोध किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। नेताओं के हाथों में सर्वे का विरोध करती तख्तियां भी थी। इन नेताओं की मांग है कि राज्य के भूमिहीन परिवारों को सरकार अविलंब जमीन उपलब्ध कराए। नेताओं ने कहा कि जो जहां बसे उसे वहीं जमीन मुहैया कराई जाए।

    स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर हंगामा

    स्मार्ट प्रीपेड मीटर के सवाल पर विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान ख्रूब हंगामा हुआ। विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने (वेल) पहुंचकर खूब नारेबाजी की। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के बीच में ही सदन की कार्रवाई को भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दिया। इस वजह से प्रश्नकाल तो अधूरा रहा ही, साथ में शून्यकाल और ध्यानाकर्षण की सूचनाएं भी पढ़ी नहीं जा सकी।

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    भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा ने इस विषय को उठाया था। उन्होंने कहा कि नवंबर 2023, मई 2024 और अक्टूबर 2024 में प्रीपेड मीटर का सर्वर फेल हो गया। इस कारण उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत का पता नहीं चला। परिणाम यह हुआ कि उपभोक्ताओं को एकमुश्त भारी भरकम राशि बिजली मद में चुकानी पड़ी। सभी मीटर टेस्टेड नहीं रहते हैं। सैंपल टेस्ट के आधार पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया जाता है। इस कारण सर्वर से कनेक्शन फेल होने की समस्या आ रही है।

    ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जब इधर थे (सरकार में) तो स्मार्ट मीटर खराब नहीं था और जब उधर (विपक्ष में) चले गए हैं तो ज्ञान आ रहा है। उन्होंने कहा कि लिखकर दीजिए कि कौन से मीटर में खराबी है। हम उसकी जांच करा लेंगे। इस पर कई सदस्यों ने स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी पर बोलने की इजाजत चाही और फिर वेल में जाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

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