बिहार BCA चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पूर्व मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में फिर होगा पूरा चुनाव
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के चुनावों में अनियमितताओं के बाद ओडिशा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह को एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया फैसला
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने बीसीए चुनावों में अनियमितताओं पर लिया संज्ञान।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह बने बीसीए एडमिनिस्ट्रेटर।
उनकी देखरेख में नए सिरे से होंगे सभी बीसीए चुनाव।
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के हालिया चुनावों में हुई अनियमितताओं के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को ओडिशा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह को बीसीए का एडमिनिस्ट्रेटर (प्रशासक) नियुक्त किया है।
अब उन्हीं की देखरेख में जिला स्तर से लेकर मुख्य संघ तक के चुनाव नए सिरे से आयोजित किए जाएंगे।
चुनावी धांधली की शिकायतों के बाद सुप्रीम कोर्ट सख्त
याचिकाकर्ता आदित्य प्रकाश वर्मा के पक्ष से सुप्रीम कोर्ट में जिरह करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने बताया कि बीसीए चुनाव में धांधली और अनियमितता की शिकायतों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस एल नागेश्वर राव को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया फैसला
राव की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह को एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में बहाल करने का निर्देश दिया।
कोर्ट के आदेश के अनुसार अब पूर्व मुख्य न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह की निगरानी में बीसीए के चुनाव दोबारा कराए जाएंगे।
नई मतदाता सूची से होगी चुनावी प्रक्रिया
इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नए सिरे से मतदाता सूची तैयार की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
इससे जिला स्तर से लेकर मुख्य संघ तक होने वाले चुनाव की प्रक्रिया पर भी निगरानी रहेगी।
BCA ने कहा- आधी-अधूरी जानकारी फैलाई जा रही
इस मामले में बीसीए ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि निर्णय को लेकर आधी-अधूरी और भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं। हम सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश अपलोड होने का इंतजार कर रहे हैं।
आदेश का अध्ययन करने के बाद बयान देगा संघ
पूरा आर्डर देखने और उसका अध्ययन करने के बाद ही एसोसिएशन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
