Updated: Thu, 17 Apr 2025 08:29 PM (GMT+05:30)
दिलीप जायसवाल ने कहा कि विपक्षी दल मुसलमानों में भ्रम फैलाते हैं। उन्होंने वक्फ बिल को गरीब मुसलमानों के हित में बताया और लोगों से एक साल तक इसे अनुभव ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार बीजेपी चीफ दिलीप जायसवाल ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरुद्ध विपक्षी दल हमेशा से मुसलमानों में भ्रम फैलाने का काम किया है, जबकि हकीकत इससे अलग है। सीएए को लेकर भी पूरे देश में हंगामा खड़ा किया गया था। बिल पास हुए एक साल से अधिक हो गए। किसी भी मुसलमान पर इसका प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।
उन्होंने कहा कि इसी तरह वक्फ बिल को लेकर भी अफवाह का बाजार गर्म है। यह बिल गरीब और पसमंदा मुसलमान के हक में है। इसका भी एक साल अनुभव कीजिए, उसके बाद यदि किसी तरह के संशोधन की गुंजाइश बनती है तो कराई जाएगी।
उक्त बातें गुरुवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने विद्यापति भवन में बिहार पसमांदा फाउंडेशन द्वारा वक्फ बिल पास, नया दौर, नया इंसाफ, शुक्रिया मोदी जी कार्यक्रम में कहीं।
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'एक साल इस कानून को देख लीजिए...'
उन्होंने कहा कि एक साल इस कानून को देख लीजिए, फायदा होगा तो क्यों कोई विरोध करेगा। भाजपा कार्यालय अकलियतों के लिए हमेशा खुला हुआ है। कांग्रेस के शासनकाल में अल्पसंख्यकों का भला नहीं किया गया। मोदी सरकार सबकी चिंता करती है। हिन्दुस्तान जितना हिन्दू का है, उतना ही मुसलमानों का भी।
'मोदी सरकार जब भी मुसलमानों के लिए...'
वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार जब भी मुसलमानों के लिए अच्छा काम करती है तो विपक्ष भ्रम फैलाने में जुट जाता है। सीएए लागू होने के बाद अब तक कितने अल्पसंख्यक की नागरिकता समाप्त हुई है? सच्चाई यह है कि वक्फ की संपत्ति पर सरकार कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार कब्रिस्तान और मस्जिद की जमीन पर कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। राजद शासनकाल में कब्रिस्तान की जमीन पर अतिक्रमण और कब्जा किया जाता था। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने के बाद अबतक आठ हजार कब्रिस्तान की घेराबंदी हो चुकी है।
'अनुसूचित जाति और पसमांदा एक समान'
एससी-एसटी कल्याण मंत्री जनक राम ने कहा कि अनुसूचित जाति और पसमांदा एक समान हैं। एनडीए सरकार गरीब और पसमांदा समाज के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही हैं।
बिहार पसमांदा फाउंडेशन के अध्यक्ष दानिश इकबाल ने कहा कि वक्फ की संपत्ति का दुरुपयोग करने वालों की जांच कर कार्रवाई की जाए। कार्यक्रम में डॉ. अरमान, मो. नूर आलम, फैयाज काजमी, फिरोज सकरी, दिलशाद कलाल, शमशाद अंसारी, मो. इसराइल, इकबाल खलिल आदि मौजूद थे।