करोड़पति हैं नागालैंड के नए गवर्नर नंद किशोर यादव, बिहार चुनाव में 7 बार बना चुके रिकॉर्ड
बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति ने 5 मार्च को उनकी नियुक्ति की घोषणा की। उनकी सं ...और पढ़ें

नंद किशोर यादव
HighLights
नंद किशोर यादव नागालैंड के नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं।
बिहार में सात बार विधायक, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष रहे।
उनकी संपत्ति 13.7 करोड़ रुपये है, आरएसएस से जुड़ाव।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजनीति के वरिष्ठ भाजपा नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति की ओर से 5 मार्च को उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई। करीब तीन दशक से अधिक समय तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले नंद किशोर यादव बिहार की सियासत का बड़ा चेहरा रहे हैं। वे सात बार विधायक, बिहार सरकार में मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं। भाजपा संगठन और सरकार दोनों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। अब उन्हें नागालैंड के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
13.7 करोड़ की संपत्ति और शून्य देनदारी
नागालैंड के राज्यपाल डॉ. प्रेम कुमार की शैक्षणिक योग्यता पीएचडी है, जो उन्होंने मगध विश्वविद्यालय, बोधगया से हासिल की। 2025 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 13.70 करोड़ रुपये है। इसमें 1.46 करोड़ चल और 12.23 करोड़ अचल संपत्ति शामिल है, जबकि उन पर कोई देनदारी नहीं है।
34 साल का लंबा राजनीतिक सफर
नंद किशोर यादव का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। वे 1995 से लगातार विधानसभा चुनाव जीतते रहे हैं। पहले पटना पूर्वी सीट से और परिसीमन के बाद पटना सिटी (पटना साहिब) से चुनाव जीतते रहे।
लगातार सात बार विधायक बनने का रिकॉर्ड उनके नाम है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पटना नगर निगम के काउंसलर के रूप में की थी। बाद में वे पटना के डिप्टी मेयर भी बने और भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी रहे।
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लालू-राबड़ी दौर में भाजपा की मजबूत आवाज
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल में नंद किशोर यादव भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। उस दौर में उन्होंने बिहार भाजपा का नेतृत्व भी किया। करीब पांच वर्षों तक वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे। उस समय सुशील कुमार मोदी, अश्विनी चौबे और प्रेम कुमार जैसे नेता उनके साथ सक्रिय थे।
सभी नेता वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाशपति मिश्रा के मार्गदर्शन में राजनीति में आगे बढ़े। इस दौर में नंद किशोर यादव भाजपा के मजबूत संगठनकर्ता के रूप में उभरे।
मंत्री और नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी
नीतीश सरकार में नंद किशोर यादव कई बार मंत्री भी रहे। उन्होंने पथ निर्माण विभाग में सबसे लंबा कार्यकाल निभाया। इसके अलावा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली।
2013 में जब जदयू और भाजपा का गठबंधन टूटा, तब उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। इससे पहले यह जिम्मेदारी लंबे समय तक सुशील कुमार मोदी निभा रहे थे। विधानसभा में भी उनका राजनीतिक अनुभव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
आरएसएस से जुड़ाव और राजनीतिक पहचान
नंद किशोर यादव का जन्म 26 अगस्त 1953 को हुआ था। उन्होंने 1970 में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की थी। जेपी आंदोलन के दौरान उन्होंने स्नातक की पढ़ाई छोड़ दी थी।
वे 1969 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हुए हैं। पार्टी के भीतर उन्हें एक प्रमुख यादव नेता के रूप में भी देखा जाता है। साथ ही नीतीश कुमार के साथ उनके अच्छे समन्वय के लिए भी वे जाने जाते हैं।
नेताओं ने दी बधाई
नागालैंड का राज्यपाल बनने पर भाजपा नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक्स पर पोस्ट कर शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि नंद किशोर यादव के अनुभव से नागालैंड को नई दिशा मिलेगी। विधायक रामेश्वर कुमार महतो और भाजपा नेता लाजवंती झा ने भी बधाई संदेश दिया।
नेताओं ने उनके लंबे अनुभव और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व की सराहना की। राजनीतिक गलियारों में उनकी नियुक्ति को बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
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