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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: 'अफसर हमारी एक नहीं सुनते', सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के सामने फट पड़े BJP के आहत MLA

    Updated: Wed, 24 Jul 2024 08:45 AM (GMT+05:30)

    पटना में मंगलवार को बीजेपी विधान मंडल की बैठक हुई। बैठक में सम्राट चौधरी के सामने कई विधायकों ने सरकारी अधिकारियों की शिकायत की। अफसरों की अपेक्षा से ...और पढ़ें

    डिप्टी CM विजय सिन्हा और डिप्टी CM सम्राट चौधरी (फाइल फोटो)
    डिप्टी CM विजय सिन्हा और डिप्टी CM सम्राट चौधरी (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. नेतृत्व के समक्ष फट पड़े अफसरों की उपेक्षा से आहत भाजपा विधायक
    2. क्षेत्र की पांच योजनाओं व समस्याओं से प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराएंगे MLA-MLC
    3. उन्हें पूरा कराएगा प्रदेश नेतृत्व, विधानसभा चुनाव में जनता के बीच भुनाया जाएगा उस पहल को

    राज्य ब्यूरो, पटना। विधायकों का मन टटोलने के लिए मंगलवार को हुई भाजपा विधान मंडल दल की बैठक में जब आंच अपनी ओर आई तो प्रदेश नेतृत्व बगले झांकने लगा। यह क्षोभ-जनित आक्रोश अफसरों द्वारा की जाने वाली उपेक्षा और अनदेखी के कारण था। विवशता का बोझ उतार नेतृत्व ने जब आगे बढ़ने का दिलासा दिया तब जाकर क्षुब्ध विधायक शांत हुए।

    तय हुआ कि विधायक और विधान पार्षद अपने-अपने क्षेत्र की महत्वपूर्ण पांच परियोजनाओं से नेतृत्व को अवगत कराएंगे। सरकार और प्रशासन से हस्तक्षेप कर प्रदेश नेतृत्व उन्हें समय से पूरा कराएगा। विधानसभा के अगले चुनाव में जनता के बीच गिनाने के लिए वे परियोजनाएं काम आएंगी। उन्हीं के दम पर जीत की रणनीति तय होगी।

    सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक

    इसी के साथ क्षेत्र की पांच-पांच समस्याएं भी बतानी है, जिनका समाधान शीघ्रता से कराया जाएगा। बैठक प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई। वे उप मुख्यमंत्री के दायित्व में भी हैं। यही दायित्व नेतृत्व की पहली पंक्ति में बैठे विजय कुमार सिन्हा के पास भी है। हालांकि, मुख्यमंत्री से महत्वपूर्ण संवाद सम्राट ही करते हैं।

    'एक बात नहीं सुनते अधिकारी'

    अफसरों की मनमर्जी की शिकायत जब विधायकों ने शुरू की तो सबकी आंखें उन दोनों की ओर उठ गईं। एक के बाद दूसरा और उसके बाद तीसरा करते-करते दो दर्जन से अधिक विधायकों ने स्पष्ट कहा कि वे योजनाओं और समस्याओं को किस स्थिति में गिनाएं, जबकि अफसर उनकी एक बात नहीं सुनते। महागठबंधन की सरकार में तो सहयोगी दल की ऐसी उपेक्षा नहीं थी।

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    राजद का नाम लेकर विधायकों ने कहा कि तब लालू प्रसाद व तेजस्वी यादव ने मनपसंद अफसरों को क्षेत्र में तैनात कराया। उसका राजद को लाभ भी मिला। कई जगह तो उनमें से कुछ अफसर आज भी तैनात हैं, जो भाजपा विधायकों की सुनते ही नहीं। उन अफसरों के स्थानांतरण के साथ क्षेत्र में चहेते और तेजतर्रार अफसरों की तैनाती का विधायकों ने आग्रह किया। नेतृत्व ने अपेक्षित पहल के लिए उन्हें आश्वस्त किया।

    शिकायतों की सूची

    • जाले के विधायक जीवेश मिश्रा ने पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के विरुद्ध शिकायत की।
    • साहेबगंज के विधायक राजू सिंह ने मुजफ्फरपुर के एसएसपी राकेश कुमार और पातेपुर के विधायक लखेंद्र पासवान को वैशाली के एसपी हरकिशोर राय से शिकायत थी।
    • मोतिहारी के विधायक प्रमोद कुमार का कहना था कि प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी मनमर्जी वाले हैं। जन-प्रतिनिधियों के आग्रह की वे अवहेलना करते हैं।

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