यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Caste Survey: जातीय गणना पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जानें शीर्ष अदालत का दरवाजा क्यों खटखटाया गया?
Caste Survey Hearing आज सुप्रीम कोर्ट में जातीय सर्वे पर सुनवाई होगी। 3 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई को छह अक्टूबर के लिए टाल दिया गया था। इससे पहले छह ...और पढ़ें

HighLights
- सुप्रीम कोर्ट में आज जातीय गणना पर सुनवाई
- जातीय गणना की रिपोर्ट जारी नहीं करने की थी मांग
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार सरकार ने जातीय गणना की रिपोर्ट भले ही जारी कर दी है, लेकिन इसे लेकर बवाल अभी भी जारी है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में केस चल रहा है। 3 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट जातीय गणना की सुनवाई होनी थी, जिसे आज (छह अक्टूबर) के लिए टाल दिया गया था।
आज नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली सरकार की जातीय गणना की रिपोर्ट पर ग्रहण लग सकता है। हालांकि, स्पष्टता तो सुनवाई के बाद ही मिल सकेगी। बता दें कि तीन अक्टूबर से पहले भी सुनवाई टल चुकी है। इस मामले की छह सितंबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन बिहार सरकार की मांग के बाद सुनवाई को तीन अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया था।
इसके बाद तीन अक्टूबर को एक बार फिर से सुनवाई नहीं हो पाई और सुनवाई की अगली तारीख यानी छह अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया। तीन अक्टूबर को याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया था कि बिहार सरकार ने जातीय गणना की रिपोर्ट 2 अक्टूबर को जारी कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा क्यों खटखटाया गया?
दरअसल, पहले बिहार सरकार ने कहा था कि वह जातीय गणना की रिपोर्ट को जारी नहीं करेगी, लेकिन फिर जब इसे जारी करने की चर्चा होने लगी तो गैर-सरकारी संगठनों 'यूथ फॉर इक्वेलिटी' और 'एक सोच एक प्रयास' ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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संगठनों ने दायर याचिका में कहा कि जातीय गणना की रिपोर्ट जारी नहीं की जानी चाहिए। पहले भी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई थी, लेकिन उस समय अदालत ने कोई आदेश नहीं दिया था। हालांकि, अब सर्वे रिपोर्ट जारी हो चुकी है, जिसके बाद से ज्याद बवाल मचा हुआ है।