यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Caste Census Economic Survey: बिहार के 45 लाख लोग परदेस में कर रहे कमाई, चौंकाती है ये रिपोर्ट
Bihar Caste Census Economic Survey Full Report जातीय गणना की आर्थिक रिपोर्ट में चौंका देने वाली बात सामने आई है। सार्वजनिक डेटा के मुताबिक 45 लाख से अ ...और पढ़ें

HighLights
- 13 करोड़ की आबादी में मात्र 5.52 लाख छात्र ही उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में गए
- अन्य देश में शिक्षा लेने वालों की कुल आबादी 23738
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की करीब 13 करोड़ 7 लाख की आबादी में मात्र 3.50 प्रतिशत लोग अन्य राज्य में नौकरियां रोजगार करते हैं। वहीं, अन्य देश में नौकरी और रोजगार करने वालों का प्रतिशत 0.17 है। बिहार सरकार द्वारा जाति आधारित गणना 2022-23 के आंकड़ों में इस बात की जानकारी दी गई है।
बिहार विधानसभा में मंगलवार को यह रिपोर्ट पेश हुई है, जिसमें बताया गया कि बिहार की आबादी में कल 45 लाख 78 हजार 669 लोग यानी आबादी का 3.50 प्रतिशत अन्य राज्यों में नौकरी या रोजगार कर रहे हैं।
अन्य देशों में नौकरी करने वालों की संख्या
इसके अलावा, अन्य देशों में नौकरी या रोजगार करने वालों की कुल संख्या 2,17,499 है। यह राज्य की कुल आबादी का 0.17 प्रतिशत आंकड़ा है। इसी प्रकार बिहार के अन्य स्थानों पर नौकरी या रोजगार करने वालों की संख्या 15,89,000 के करीब है।
इसका मतलब है कि आबादी का 1.22 प्रतिशत हिस्सा बिहार के अन्य स्थान पर नौकरी या रोजगार कर रहा है। आंकड़ों में चौंकाने वाली बात यह है कि गणना स्थल पर अस्थाई रूप से आवासित बिहार के लोगों की संख्या 12 करोड़ 32 लाख से अधिक बताई गई है, यानी कि कुल आबादी का 94.28 प्रतिशत है।
पलायन की चर्चा
शिक्षा के लिए प्रदेश के छात्रों के पलायन को लेकर चर्चा बिहार में आम बात है, लेकिन जाति आधारित गणना के आंकड़े बताते हैं कि 13 करोड़ की आबादी में मात्र पांच लाख 52 हजार छात्र ही उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में जाते हैं।
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वहीं, अन्य देशों में शिक्षा लेने वालों की कुल आबादी 23,738 के आसपास ही बताई गई है, जो कुल आबादी का 0.02 प्रतिशत के आसपास है।
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